तमिलनाडु: TASMAC भ्रष्टाचार मामले में बड़ी कार्रवाई, 41 ठिकानों पर सतर्कता विभाग के छापे
तमिलनाडु में सरकारी शराब बिक्री निगम (टास्मैक) में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के सिलसिले में…
तमिलनाडु में सरकारी शराब बिक्री निगम (टास्मैक) में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के सिलसिले में सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (DVAC) राज्य भर में 41 स्थानों पर एक साथ छापेमारी कर रहा है।
यह कार्रवाई उन आरोपों के बाद हुई है जिनमें कहा गया था कि तमिलनाडु का शराब बिक्री नेटवर्क लंबे समय से अवैध नकद वसूली के जरिए चलाया जा रहा था। सूत्रों का दावा है कि "पार्टी फंड" के नाम पर हर महीने लगभग 102 करोड़ रुपये की अवैध वसूली की जाती थी। अनुमान है कि अगर यह पिछले पांच वर्षों से चल रहा है, तो यह रकम करीब 3,600 करोड़ रुपये तक हो सकती है, हालांकि सरकार ने इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
छापेमारी का दायरा और प्रमुख स्थान
सतर्कता विभाग की यह छापेमारी गोदामों, शराब बनाने वाली इकाइयों और अन्य प्रतिष्ठानों पर केंद्रित है, जिन पर टास्मैक की खरीद और वितरण प्रणाली में गड़बड़ी में शामिल होने का संदेह है। इरोड, कोयंबटूर, पोलाची और नरसिम्हानायकेनपालयम समेत राज्य के कई इलाकों में एक साथ तलाशी ली जा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, मेट्टुपालयम के पास नरसिम्हानायकेनपालयम स्थित सिवास डिस्टिलरी और मन्नारगुडी की एक शराब फैक्ट्री में भी तलाशी ली गई। बताया जा रहा है कि यह फैक्ट्री द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के एक वरिष्ठ नेता की है।
सरकार का रुख और भविष्य की कार्रवाई
माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को वरिष्ठ अधिकारियों ने इन कथित अनियमितताओं की पूरी जानकारी दी थी। इसके बाद, सरकार ने टास्मैक के राजस्व और लेखा प्रणाली में अधिक पारदर्शिता लाने के निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने कथित तौर पर टास्मैक के थोक और खुदरा बिक्री नेटवर्क में लंबे समय से चल रही अवैध वसूली को बंद करने का भी आदेश दिया है।
इसके अलावा, सरकार शराब की खाली बोतलों की वापसी और उनके रखरखाव की मौजूदा व्यवस्था की भी समीक्षा करेगी ताकि राजस्व के किसी भी संभावित नुकसान को रोका जा सके। उम्मीद है कि इन छापों से मिले सबूतों के आधार पर सरकार शराब वितरण में भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज करेगी। गौरतलब है कि तमिलनाडु में इस समय टास्मैक की 4,048 पंजीकृत शराब की दुकानें हैं, जिनमें से 717 दुकानों को सरकार पहले ही बंद कर चुकी है।
इनपुट: IANS



