सोमवार, 31 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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अवैध बिलबोर्ड मामला: तृणमूल सांसद डेरेक ओ ब्रायन कोलकाता पुलिस के सामने पेश नहीं हुए, मांगा 7 दिन का समय

तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन कोलकाता पुलिस द्वारा भेजे गए समन पर सोमवार को पेश नहीं हुए। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने अपने वकील के माध्यम से पुलिस को एक पत्र…

अवैध बिलबोर्ड मामला: तृणमूल सांसद डेरेक ओ ब्रायन कोलकाता पुलिस के सामने पेश नहीं हुए, मांगा 7 दिन का समय
(फोटो: IANS)

तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन कोलकाता पुलिस द्वारा भेजे गए समन पर सोमवार को पेश नहीं हुए। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने अपने वकील के माध्यम से पुलिस को एक पत्र भेजकर पूछताछ के लिए हाजिर होने के लिए सात दिनों की मोहलत मांगी है। यह मामला मध्य कोलकाता के कैमक स्ट्रीट स्थित अभिषेक बनर्जी के पार्टी कार्यालय की छत से एक अवैध बिलबोर्ड हटाने को लेकर दर्ज एफआईआर से जुड़ा है।

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ओ ब्रायन के वकील ने पुलिस को लिखे पत्र में कहा कि उनके मुवक्किल को नोटिस काफी कम समय पहले मिला, जिस वजह से उन्हें कानूनी सलाह लेने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल सका। इस पर कोलकाता के एक पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की है कि ओ ब्रायन को दूसरा नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

पूछताछ के लिए तीन नेताओं को नोटिस

इस मामले में पुलिस ने डेरेक ओ ब्रायन के अलावा तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी और उनके निजी सहायक सुमित रॉय को भी पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है। अभिषेक बनर्जी को 1 सितंबर की दोपहर तक पेश होने को कहा गया है, जबकि सुमित रॉय को 2 सितंबर की दोपहर तक का समय दिया गया है। रविवार को शेक्सपियर सरणी पुलिस स्टेशन के कर्मी ओ ब्रायन के दक्षिण कोलकाता स्थित आवास पर नोटिस देने पहुंचे थे।

क्या है पूरा विवाद?

यह तनाव 27 अगस्त की दोपहर को शुरू हुआ, जब कोलकाता नगर निगम (KMC) के कर्मचारी पुलिस के साथ कैमक स्ट्रीट स्थित अभिषेक बनर्जी के कार्यालय पर लगे एक अवैध बिलबोर्ड को हटाने पहुंचे थे। वहां उन्हें अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओ ब्रायन और अन्य पार्टी नेताओं के नेतृत्व में तृणमूल कार्यकर्ताओं के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान पुलिस और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई भी हुई।

पुलिस ने दर्ज की हैं तीन FIR

इस घटना के बाद शेक्सपियर सरणी पुलिस स्टेशन में तीन एफआईआर दर्ज की गईं। इन एफआईआर में तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर न केवल ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने का आरोप है, बल्कि एक महिला पुलिस अधिकारी की गरिमा को ठेस पहुंचाने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया गया है। इस बीच, अभिषेक बनर्जी के वकील ने दावा किया था कि एफआईआर पुलिस वेबसाइट पर अपलोड नहीं थीं, हालांकि पुलिस ने इन दावों को खारिज कर दिया है।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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