रविवार, 2 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
पश्चिम बंगाल

कोलकाता में तीन 'शहीद दिवस' रैलियों से पुलिस अलर्ट, एक ही दिन तीन अलग-अलग आयोजन

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में मंगलवार को पुलिस हाई अलर्ट पर है। 21 जुलाई, 1993 को पुलिस फायरिंग में मारे गए 13 युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की याद में एक ही दिन तीन अलग-अलग गुटों द्वारा 'शहीद…

कोलकाता में तीन 'शहीद दिवस' रैलियों से पुलिस अलर्ट, एक ही दिन तीन अलग-अलग आयोजन
(फोटो: IANS)

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में मंगलवार को पुलिस हाई अलर्ट पर है। 21 जुलाई, 1993 को पुलिस फायरिंग में मारे गए 13 युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की याद में एक ही दिन तीन अलग-अलग गुटों द्वारा 'शहीद दिवस' रैलियां आयोजित की जा रही हैं, जिसके चलते सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, ये तीनों रैलियां मध्य कोलकाता में एक-दूसरे के काफी करीब हो रही हैं।

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यह आयोजन 1993 की उस घटना की याद में होता है जब तत्कालीन मुख्यमंत्री ज्योति बसु के नेतृत्व वाली वाम मोर्चा सरकार के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की गोलीबारी में 13 युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की जान चली गई थी। उस विरोध रैली का नेतृत्व ममता बनर्जी कर रही थीं, जो उस समय यूथ कांग्रेस की अध्यक्ष थीं।

एक दिन, तीन रैलियां

इस साल पश्चिम बंगाल की विपक्षी राजनीति में आए बदलावों के कारण एक की बजाय तीन समानांतर रैलियां हो रही हैं। पहली रैली बिड़ला तारामंडल के सामने तृणमूल कांग्रेस के उस गुट द्वारा आयोजित की जा रही है, जिसका नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी कर रहे हैं।

दूसरी रैली जवाहरलाल नेहरू रोड पर तृणमूल कांग्रेस के 'बागी लेकिन बहुमत वाले' गुट द्वारा की जा रही है, जिसकी अगुवाई पार्टी से निकाले गए विधायक रिताब्रत बनर्जी कर रहे हैं। वहीं, तीसरी रैली कांग्रेस की पश्चिम बंगाल इकाई एस्प्लेनेड के पास शहीद मीनार के सामने कर रही है। कांग्रेस का दावा है कि 'शहीद दिवस' मनाने का असली अधिकार उसी का है, क्योंकि मारे गए कार्यकर्ता तृणमूल कांग्रेस के गठन से पहले के थे।

दिल्ली में भी एक आयोजन

इन तीन रैलियों के अलावा, एक चौथा आयोजन दिल्ली के राजघाट पर भी किया जा रहा है। यह रैली तृणमूल कांग्रेस के उन 20 लोकसभा सदस्यों द्वारा आयोजित की जाएगी जो हाल ही में नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPAI) में शामिल हुए हैं। इसका नेतृत्व सांसद डॉ. काकोली घोष दस्तीदार, सुदीप बंदोपाध्याय और शताब्दी रॉय कर रहे हैं।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

कोलकाता में किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। शहर पुलिस के मुताबिक, तीनों रैली स्थलों पर एक-एक हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इन जगहों की निगरानी ड्रोन से भी की जाएगी। इसके अलावा, कम से कम पांच डिप्टी कमिश्नर, हैवी रेडियो फ्लाइंग स्क्वाड और रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती भी की गई है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) को भी तैनात किया गया है।

इनपुट: IANS

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News4Social पश्चिम बंगाल डेस्क

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