बुधवार, 29 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
देश

तमिलनाडु में अवैध खनन पर सरकार की नकेल, राजस्व दोगुना करने के लिए डिजिटल निगरानी की तैयारी

तमिलनाडु सरकार राज्य में अवैध खनन को रोकने और राजस्व में बड़ी बढ़ोतरी करने के लिए एक व्यापक डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने की तैयारी कर रही है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस नई तकनीक-आधारि…

तमिलनाडु में अवैध खनन पर सरकार की नकेल, राजस्व दोगुना करने के लिए डिजिटल निगरानी की तैयारी
(फोटो: IANS)

तमिलनाडु सरकार राज्य में अवैध खनन को रोकने और राजस्व में बड़ी बढ़ोतरी करने के लिए एक व्यापक डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने की तैयारी कर रही है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस नई तकनीक-आधारित प्रणाली का उद्देश्य खनन क्षेत्र में पारदर्शिता लाना और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना है। इस सप्ताह मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की अध्यक्षता में हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक में इस योजना की समीक्षा की गई, जिसमें मुख्य सचिव और वित्त सचिव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

विज्ञापन

सरकार का लक्ष्य इस प्रणाली के माध्यम से अपनी वार्षिक खनन आय को लगभग दोगुना करना है। वित्त वर्ष 2025-26 में प्राकृतिक संसाधन विभाग ने विभिन्न शुल्कों के जरिए करीब 4,500 करोड़ रुपए का राजस्व जुटाया था। नई प्रणाली लागू होने के बाद पहले चरण में इस आय को 6,500 करोड़ रुपए और अगले कुछ वर्षों में 9,000 करोड़ रुपए तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

डिजिटल निगरानी और सख्त कार्रवाई

अधिकारियों का मानना है कि वर्तमान में रफ स्टोन और अन्य खनिजों का एक बड़ा हिस्सा कर और रॉयल्टी के दायरे से बाहर रह जाता है, जिससे सरकार को भारी राजस्व का नुकसान होता है। इस समस्या से निपटने के लिए, राज्य भर में डिजिटल वेटब्रिज लगाए जाएंगे, जिन्हें एक केंद्रीय ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। इससे खदानों से निकलने वाले हर ट्रक पर नजर रखी जा सकेगी। अधिकारियों ने यह भी माना कि शुरुआती दौर में सख्त नियमों से खनन गतिविधियां धीमी हो सकती हैं, लेकिन इससे भविष्य में राजस्व में स्थायी वृद्धि होगी।

सरकार ने अवैध खनन के खिलाफ पहले ही कार्रवाई शुरू कर दी है। पिछले महीने, तेनकासी, कन्याकुमारी, विरुधुनगर और मदुरै जिलों में 67 पत्थर खदानों का संचालन रोक दिया गया था, क्योंकि वे स्वीकृत सीमा से अधिक खनन कर रही थीं। कुल 431 खदानों के निरीक्षण में 155 में नियमों का उल्लंघन पाया गया।

जुर्माना और राजस्व के आंकड़े

अब तक, तमिलनाडु माइनर मिनरल कन्सेशन रूल्स, 1959 के तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कुल 78 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया जा चुका है। हालांकि, कुछ खदान मालिकों ने इन जुर्मानों के खिलाफ अपील भी की है, जिन पर विचार किया जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में राज्य को चूना पत्थर, लिग्नाइट और अन्य प्रमुख खनिजों से 433 करोड़ रुपए की आय हुई थी। इसके अतिरिक्त, निर्माण सामग्री को पड़ोसी राज्यों में भेजने पर लगाए गए तीन महीने के प्रतिबंध के बाद खनिजों की आवाजाही में 15% की कमी आई है।

इनपुट: IANS

N

News4Social नेशनल डेस्क

News4Social नेशनल डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से राष्ट्रीय घटनाक्रम से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →