ईरान-अमेरिका संघर्ष में साथ देने वालों को 'शत्रु' मानेंगे: ईरानी सांसद की चेतावनी
ईरान ने भविष्य में अमेरिका के साथ किसी भी सैन्य टकराव की स्थिति में वाशिंगटन का समर्थन करने वाले देशों को लेकर अपना रुख़ सख़्त कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, ईरान ने चेतावनी दी है कि ऐसे…
ईरान ने भविष्य में अमेरिका के साथ किसी भी सैन्य टकराव की स्थिति में वाशिंगटन का समर्थन करने वाले देशों को लेकर अपना रुख़ सख़्त कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, ईरान ने चेतावनी दी है कि ऐसे किसी भी देश को तेहरान के विरुद्ध शत्रुतापूर्ण कार्रवाई करने वाला माना जाएगा।
यह बयान ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के सदस्य फदा हुसैन मलिकी ने रूसी समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती को दिए एक इंटरव्यू में दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर सैन्य कार्रवाई दोबारा होती है, तो ईरान उन सभी क्षेत्रीय देशों की पहचान करने में सक्षम होगा जो अमेरिकी सेना की मदद के लिए आगे आएंगे।
हमला सिर्फ़ सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहेगा
फदा हुसैन मलिकी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, "ऐसी स्थिति में ईरान के फैसले केवल उन देशों में मौजूद सैन्य ठिकानों पर हमले तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उन देशों को भी शत्रु देश की श्रेणी में रखा जा सकता है।"
इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने इजराइल की मिसाइल रक्षा प्रणाली पर अमेरिका द्वारा किए गए भारी खर्च की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में अमेरिका ने इसके लिए करदाताओं के 11 अरब डॉलर खर्च किए हैं। अराघची ने कहा, "अमेरिका ने इजराइल की रक्षा में इजराइल से भी ज्यादा इंटरसेप्टर मिसाइलें दागी हैं। यह दोनों देशों के बीच परस्पर सहयोग वाला संबंध नहीं है, बल्कि एकतरफा निर्भरता वाला संबंध है।"
ट्रंप ने और कार्रवाई के दिए संकेत
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ भविष्य में और सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस तरह के कदमों का राजनीतिक असर आगामी संसदीय चुनावों में उनकी रिपब्लिकन पार्टी को भुगतना पड़ सकता है। वाशिंगटन से रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा, "एक तरफ लोग इसका समर्थन करते हैं, क्योंकि मैं वह कर रहा हूं जो पहले के राष्ट्रपतियों को करना चाहिए था, लेकिन दूसरी तरफ कुछ लोग इससे सहमत नहीं भी हो सकते हैं।"
ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना जरूरी है। उन्होंने कहा, "मुझे पता था कि इस फैसले की एक कीमत चुकानी पड़ेगी, लेकिन हम ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दे सकते।" जब उनसे पूछा गया कि क्या कोई नया सैन्य अभियान विचाराधीन है, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने सिर्फ इतना कहा, "ईरान के साथ युद्ध में हमने उन्हें भारी नुकसान पहुंचाया है और हो सकता है कि हम इसे थोड़ा और आगे बढ़ाएं।"
इनपुट: IANS



