गुरूवार, 13 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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बेंगलुरु सेंट्रल जेल: प्रज्वल रेवन्ना की बैरक में मोबाइल, मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा - 'मैंने ही दिए थे छापे के आदेश'

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) की एक औचक छापेमारी में 10 से अधिक मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। इनमें से एक फोन पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना की…

बेंगलुरु सेंट्रल जेल: प्रज्वल रेवन्ना की बैरक में मोबाइल, मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा - 'मैंने ही दिए थे छापे के आदेश'
(फोटो: IANS)

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) की एक औचक छापेमारी में 10 से अधिक मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। इनमें से एक फोन पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना की बैरक से मिलने का दावा किया गया है, जिसमें कई ओटीटी ऐप्स भी पाए गए। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस कार्रवाई का आदेश खुद राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने दिया था।

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मंगलवार को हुई इस छापेमारी में फोन के अलावा चार्जर और अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं भी जब्त की गईं। इस घटना के बाद गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने बुधवार को बताया कि उन्होंने दो हफ्ते पहले जेल का दौरा किया था और वहां कुछ कमियां पाई थीं, जिसके बाद मुख्यमंत्री की मंजूरी लेकर उन्होंने यह कार्रवाई सुनिश्चित करवाई।

छापेमारी पर गृह मंत्री का बयान

प्रियांक खड़गे ने स्पष्ट किया, "सीसीबी की छापेमारी मैंने करवाई थी। छापा डालने के लिए गृह विभाग की अनुमति आवश्यक होती है।" उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई अधिकारियों से मिली जानकारी के आधार पर की गई। मंत्री ने जेल के अंदर अनियमितताओं को बढ़ावा देने वाले अधिकारियों को निलंबित करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी कार्रवाई सिर्फ बेंगलुरु तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि कर्नाटक की सभी जेलों में की जाएगी।

लापरवाही पर एक्शन और जांच के निर्देश

इस मामले में जेल विभाग के डीजीपी आलोक कुमार ने जानकारी दी कि सहायक अधीक्षक ईरन्ना को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। वहीं, जेल अधीक्षक अंशुकुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। डीजीपी ने पुष्टि की कि प्रज्वल रेवन्ना की बैरक से एक मोबाइल फोन और चार्जर मिला है। उन्होंने कहा, "किसी को भी वीआईपी सुविधा नहीं दी जानी चाहिए।" इस बात की भी जांच की जाएगी कि कहीं इन फोनों के लिए जेल के वाईफाई नेटवर्क का इस्तेमाल तो नहीं किया गया।

आलोक कुमार ने कहा कि एक विस्तृत जांच यह पता लगाएगी कि प्रतिबंधित सामान जेल के भीतर कैसे पहुंचा और इसमें किन अधिकारियों की मिलीभगत थी। उन्होंने चेतावनी दी, "यदि किसी अधिकारी की संलिप्तता साबित होती है तो उसे बिना किसी हिचकिचाहट के निलंबित कर दिया जाएगा। सरकार आपको नौकरी और वेतन देती है, इसलिए आपको अपने कर्तव्य के प्रति ईमानदार रहना चाहिए।"

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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