पश्चिम बंगाल: PMAY के तहत बनने वाले 50 लाख घर अब सिर्फ़ महिलाओं के नाम पर होंगे
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत बनने वाले सभी घरों का मालिकाना हक़ अब परिवार की महिला सदस्यों को मिलेगा। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने गुरुवार को यह महत्वपूर्ण घोषणा…
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत बनने वाले सभी घरों का मालिकाना हक़ अब परिवार की महिला सदस्यों को मिलेगा। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने गुरुवार को यह महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि भविष्य में इस योजना के तहत सभी मकानों का रजिस्ट्रेशन महिलाओं के नाम पर ही किया जाएगा। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह फैसला राज्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार की एक बड़ी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
यह ऐलान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर कोलकाता के साल्ट लेक में आयोजित 'अन्नपूर्णा दिवस' कार्यक्रम के दौरान किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया, "पश्चिम बंगाल में 50 लाख से ज़्यादा नए घर बनाने के लिए सूची तैयार कर ली गई है। ये घर परिवारों की महिला सदस्यों के नाम पर रजिस्टर किए जाएंगे। इन सभी घरों की मालकिन महिलाएं होंगी।"
महिला सशक्तिकरण पर सरकार का जोर
सुवेंदु अधिकारी ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का लक्ष्य केवल महिलाओं को भत्ता देना नहीं, बल्कि उनका समग्र विकास और सशक्तिकरण सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों को गंभीरता से लिया जाएगा और इसे लेकर उनकी सरकार ने पिछले चार महीनों में महिलाओं के विरुद्ध अत्याचारों की जांच के लिए एक आयोग का गठन भी किया है। इसके अलावा, राज्य सरकार बाल विवाह और कम उम्र में लड़कियों के गर्भवती होने जैसी सामाजिक कुरीतियों से भी सख्ती से निपट रही है।
अन्नपूर्णा योजना और पीएम मोदी का संबोधन
इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अन्नपूर्णा योजना की चौथी किस्त जारी करने की भी घोषणा की। उन्होंने जानकारी दी कि डेढ़ करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में पैसे भेजे जा चुके हैं और बाकी पात्र लाभार्थियों को भी जल्द ही राशि मिल जाएगी, जिसके तहत हर महीने 3,000 रुपये सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाते हैं।
कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाभार्थियों को भरोसा दिलाया कि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसी को भी 'कमीशन' या 'कट-मनी' देने की ज़रूरत नहीं है। उन्होंने कहा, "विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद 4 मई को पश्चिम बंगाल में जो बदलाव आया, उसमें राज्य की माताओं और बहनों ने अहम भूमिका निभाई। इसलिए, इस राज्य में नई भाजपा सरकार की 'पहली परीक्षा' महिलाओं का विकास थी।"
इनपुट: IANS



