जामनगर: 8 साल की बच्ची की बर्बर हत्या, कोर्ट ने 'दुर्लभतम' मामला मानकर दोषी को सुनाई मौत की सज़ा
गुजरात के जामनगर की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने आठ साल की बच्ची की नृशंस हत्या के मामले में एक व्यक्ति को फांसी की सज़ा सुनाई है। अदालत ने इस अपराध को "दुर्लभतम मामलों में से एक" मानते हुए यह फैसला दिया…
गुजरात के जामनगर की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने आठ साल की बच्ची की नृशंस हत्या के मामले में एक व्यक्ति को फांसी की सज़ा सुनाई है। अदालत ने इस अपराध को "दुर्लभतम मामलों में से एक" मानते हुए यह फैसला दिया। दोषी पर बच्ची के साथ लंबे समय तक शारीरिक शोषण करने का भी आरोप था, जिसमें पिछले साल उसे माचिस की तीलियों से जलाना और लोहे के मूसल से बार-बार पीटना शामिल था।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, जामनगर जिले के सिक्का निवासी नितिन माणेक को हत्या का दोषी पाया गया। अदालत ने हत्या के लिए उसे मौत की सज़ा और साथ ही पॉक्सो अधिनियम के तहत आजीवन कारावास और 50,000 रुपये जुर्माने की सज़ा भी सुनाई है। यह दिल दहला देने वाली घटना 2025 में सिक्का में हुई थी।
त्वरित जांच और अदालती कार्यवाही
शुरुआत में इस अपराध का पता नहीं चल पाया था, लेकिन पुलिस जांच ने जल्द ही आरोपी के तौर पर माणेक की पहचान कर ली और उसे गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों के अनुसार, पुलिस ने वैज्ञानिक, तकनीकी और दस्तावेज़ी सबूत जुटाए और घटना के महज़ 35 दिनों के भीतर अदालत में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल कर दिया था।
मुकदमे के दौरान, सरकारी वकील ने 23 गवाहों से जिरह की और पॉक्सो कोर्ट के समक्ष लगभग 95 दस्तावेजी सबूत पेश किए। इन सबूतों और अपराध की भयावहता को ध्यान में रखते हुए, अदालत ने दोषी को यह कड़ी सज़ा सुनाई।
सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया
इस फैसले के बाद राज्य के उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने पुलिस टीम और न्यायपालिका को बधाई दी। अधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात सरकार ने महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ अपराधों के प्रति ज़ीरो-टॉलरेंस की नीति अपनाई है। यह फैसला इस नीति का एक उदाहरण है, जहां एक नाबालिग की हत्या के मामले में त्वरित जांच और अभियोजन सुनिश्चित किया गया।
इनपुट: IANS



