शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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राजस्थान: लाखों रुपये देकर फर्जी डॉक्टर बनने का खेल, SOG ने चार और आरोपियों को किया गिरफ्तार

राजस्थान में विदेश से मेडिकल की डिग्री लेकर लौटे छात्रों द्वारा फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे डॉक्टर बनने के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। राज्य के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने इस मामले में चार और…

राजस्थान: लाखों रुपये देकर फर्जी डॉक्टर बनने का खेल, SOG ने चार और आरोपियों को किया गिरफ्तार
(फोटो: IANS)

राजस्थान में विदेश से मेडिकल की डिग्री लेकर लौटे छात्रों द्वारा फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे डॉक्टर बनने के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। राज्य के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने इस मामले में चार और डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है, जिन पर अनिवार्य विदेशी चिकित्सा स्नातक परीक्षा (FMGE) पास किए बिना ही जाली सर्टिफिकेट बनवाकर इंटर्नशिप करने और राजस्थान मेडिकल काउंसिल (RMC) में पंजीकरण के लिए आवेदन करने का आरोप है।

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समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इन आरोपियों ने फर्जी प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए 27 लाख से 30 लाख रुपये तक की भारी-भरकम रकम चुकाई थी। SOG के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) विशाल बंसल ने बताया कि इस संबंध में 4 फरवरी, 2026 को धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश जैसी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।

कौन हैं नए गिरफ्तार आरोपी?

SOG द्वारा गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों की पहचान भरत भूषण शर्मा (26), सौरभ शर्मा (29), हिमांशु शर्मा (26) और शिवम चौधरी (28) के रूप में हुई है। जांच में सामने आया है कि इन सभी ने अलग-अलग देशों से MBBS की डिग्री हासिल की थी:

  • भरत भूषण शर्मा: किर्गिस्तान से MBBS करने वाले भरत ने फर्जी सर्टिफिकेट के लिए 30 लाख रुपये दिए और दौसा के सरकारी मेडिकल कॉलेज से इंटर्नशिप पूरी की।
  • सौरभ शर्मा: रूस से पढ़कर लौटे सौरभ ने 27 लाख रुपये चुकाए और धौलपुर मेडिकल कॉलेज में इंटर्नशिप की।
  • हिमांशु शर्मा: सौरभ के रिश्तेदार हिमांशु ने भी रूस से पढ़ाई की और 27 लाख रुपये देकर जयपुर के महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज से इंटर्नशिप हासिल की।
  • शिवम चौधरी: कजाकिस्तान से मेडिकल डिग्री लेने वाले शिवम ने जाली प्रमाणपत्र के लिए 30 लाख रुपये खर्च किए और अलवर मेडिकल कॉलेज में अपनी इंटर्नशिप पूरी की।

अब तक 33 गिरफ्तारियां

इंटर्नशिप पूरी करने के बाद इन चारों ने राजस्थान मेडिकल काउंसिल में स्थायी पंजीकरण के लिए आवेदन किया था, जिसके बाद ये जांच के दायरे में आए। SOG के मुताबिक, इस मामले में अब तक कुल 33 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पहले गिरफ्तार हुए लोगों में RMC के पूर्व रजिस्ट्रार डॉ. राजेश शर्मा, क्लर्क अखिलेश माथुर और फरहान हसन के अलावा मुख्य आरोपी मनाराम माली और कई बिचौलिए शामिल हैं। जांचकर्ताओं ने विदेश से MBBS करके लौटे 100 से अधिक ऐसे लोगों की पहचान की है, जिन पर इस फर्जीवाड़े में शामिल होने का संदेह है।

इनपुट: IANS

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News4Social राजस्थान डेस्क

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