हैदराबाद: कॉलेज में रोहिंग्या छात्रों के दाखिले पर विवाद, BJP के विरोध के बाद प्रबंधन ने की पुलिस में शिकायत
हैदराबाद के पुराने शहर स्थित एक निजी जूनियर कॉलेज में रोहिंग्या छात्रों के दाखिले को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक नेता और उनके समर्थकों द्वारा कॉलेज में घुसकर स्टाफ को ध
हैदराबाद के पुराने शहर स्थित एक निजी जूनियर कॉलेज में रोहिंग्या छात्रों के दाखिले को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक नेता और उनके समर्थकों द्वारा कॉलेज में घुसकर स्टाफ को धमकाने के आरोपों के बाद, कॉलेज प्रबंधन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह घटना संतोष नगर थाना क्षेत्र के नूरिया कोऑपरेटिव जूनियर कॉलेज में हुई।
कॉलेज के प्रिंसिपल मोहम्मद गजियुद्दीन द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में कहा गया है कि महेश्वरम के भाजपा नेता अंडेला श्रीरामुलु यादव के नेतृत्व में 30-40 लोगों की भीड़ कॉलेज परिसर में घुस आई। आरोप है कि उन्होंने स्टाफ को धमकाया और छात्रों के एडमिशन रिकॉर्ड दिखाने की मांग की, क्योंकि उन्हें शक था कि कॉलेज में रोहिंग्या मुसलमानों के बच्चों को दाखिला दिया गया है।
कॉलेज का पक्ष और दाखिले की प्रक्रिया
कॉलेज प्रिंसिपल ने कहा कि बुधवार को एड़ी बाज़ार इलाके में हुई इस घटना से स्टाफ और छात्रों में डर का माहौल है और उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने उन सभी आरोपों को खारिज कर दिया कि कॉलेज ने अवैध प्रवासियों के बच्चों को दाखिला दिया है। कॉलेज के लेक्चरर हुजैफा ने स्पष्ट किया कि सभी दाखिले 'बोर्ड ऑफ इंटरमीडिएट' के नियमों के तहत दिए जाते हैं और वैध रिफ्यूजी कार्ड के आधार पर ही एडमिशन हुए हैं।
भाजपा नेता के आरोप और मांगें
दूसरी ओर, भाजपा नेता अंडेला श्रीरामुलु यादव ने आरोप लगाया कि कॉलेज में बड़ी संख्या में अवैध प्रवासियों के बच्चे पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक रोहिंग्या छात्र की सूचना पर जब उन्होंने जांच की, तो उन्हें वहां कई विदेशी बच्चे पढ़ते मिले। यादव ने दावा किया कि कॉलेज प्रशासन ने उन्हें उन छात्रों के रिकॉर्ड दिखाए, जिनके साथ 10वीं कक्षा के बोनाफाइड सर्टिफिकेट और अन्य पहचान पत्र जमा किए गए थे।
उन्होंने इस मामले में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) पर कॉलेज का समर्थन करने का आरोप लगाया। श्रीरामुलु यादव ने राज्य सरकार से मांग की है कि अवैध प्रवासियों के बच्चों को दाखिला देने के लिए कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी म्यांमार और बांग्लादेश के अवैध प्रवासियों को बचाने के लिए वोटर लिस्ट के विशेष पुनरीक्षण का विरोध कर रहे हैं।
इनपुट: IANS



