पीएम-अजय योजना: 16,700 से ज़्यादा SC-बहुल गांव 'आदर्श ग्राम' घोषित, 47 लाख से अधिक लोगों को मिला लाभ
सरकार की प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के तहत अब तक देश के 16,759 अनुसूचित जाति (SC) बहुल गांवों को 'आदर्श ग्राम' घोषित किया जा चुका है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस योजना…
सरकार की प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के तहत अब तक देश के 16,759 अनुसूचित जाति (SC) बहुल गांवों को 'आदर्श ग्राम' घोषित किया जा चुका है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य SC समुदाय का सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण करना है, जिससे अब तक 47.59 लाख से ज़्यादा लोगों को लाभ पहुंचा है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि यह योजना गरीबी कम करने, आजीविका के अवसर पैदा करने और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाकर अनुसूचित जाति समुदाय के जीवन स्तर में सुधार लाने पर केंद्रित है। मंत्रालय के मुताबिक, यह एक परिणामोन्मुख (आउटकम ओरिएंटेड) योजना है जो समावेशी विकास को बढ़ावा दे रही है।
योजना के प्रमुख घटक और प्रगति
पीएम-अजय योजना मुख्य रूप से तीन घटकों में काम करती है—आदर्श ग्राम, अनुदान (ग्रांट्स-इन-एड) और छात्रावास। आदर्श ग्राम घटक के तहत, SC बहुल गांवों में समुदाय की भागीदारी से विकास योजनाएं बनाकर समग्र विकास किया जाता है। इसके तहत अब तक कुल 47,316 गांवों को शामिल किया गया है, जहां 46,782 विकास कार्य पूरे हो चुके हैं।
वहीं, ग्रांट्स-इन-एड घटक का उद्देश्य आजीविका सृजन, कौशल विकास और आय बढ़ाने वाली गतिविधियों को वित्तीय सहायता देना है। तीसरा महत्वपूर्ण घटक छात्रावास है, जिसके अंतर्गत SC विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल बनाने और उनकी मरम्मत के लिए मदद दी जाती है, ताकि उनकी शिक्षा तक पहुंच आसान हो सके। इसी क्रम में, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए तीन छात्रावास परियोजनाओं हेतु 22.50 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं, जिनसे 750 छात्रों को आवास मिलेगा।
"सामाजिक-आर्थिक अंतर कम करने में महत्वपूर्ण"
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने कहा, "पीएम-अजय योजना अनुसूचित जाति समुदाय के सामाजिक और आर्थिक अंतर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह योजना लक्षित हस्तक्षेपों और विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से एससी समुदाय को सशक्त बनाने और समावेशी विकास को बढ़ावा देने का काम कर रही है।"
उन्होंने यह भी कहा कि यह योजना समुदायों को सशक्त बनाने, जमीनी स्तर की संस्थाओं को मजबूत करने और जनभागीदारी के माध्यम से समावेशी विकास सुनिश्चित करती है।
डिजिटल निगरानी और पारदर्शिता
इस योजना के प्रभावी कार्यान्वयन और निगरानी के लिए मंत्रालय ने एक मजबूत डिजिटल ढांचा भी तैयार किया है। इसके लिए 'पीएम-अजय पोर्टल' और 'अजय मोबाइल एप्लिकेशन' विकसित किए गए हैं। इन प्लेटफॉर्म्स के ज़रिए ग्राम विकास योजना (VDP) तैयार करने, परियोजनाओं के मूल्यांकन, फंड की निगरानी और जियो-टैगिंग जैसी प्रक्रियाएं ऑनलाइन संचालित होती हैं, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होती है।
इनपुट: IANS



