धोखाधड़ी के आरोप: ट्रंप प्रशासन पाकिस्तानी मूल के व्यक्ति समेत 10 लोगों की अमेरिकी नागरिकता छीनने की तैयारी में
अमेरिकी ट्रंप प्रशासन ने धोखाधड़ी से नागरिकता पाने वालों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई शुरू की है, जिसे वह देश के इतिहास में नागरिकता रद्द करने की सबसे बड़ी कोशिश बता रहा है। समाचार एजेंसी IANS के…
अमेरिकी ट्रंप प्रशासन ने धोखाधड़ी से नागरिकता पाने वालों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई शुरू की है, जिसे वह देश के इतिहास में नागरिकता रद्द करने की सबसे बड़ी कोशिश बता रहा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पिछले 30 दिनों में अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) और न्याय विभाग (DOJ) ने ऐसे 10 लोगों की नागरिकता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की है, जिन पर गंभीर अपराधों के आरोप हैं।
इन लोगों में पाकिस्तान में जन्मे 65 वर्षीय मुर्तजा अली भी शामिल हैं। अधिकारियों का आरोप है कि उन्होंने स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) और फिर 2009 में अमेरिकी नागरिकता हासिल करने के लिए अलग-अलग नामों से कई आवेदन दिए थे। उन्हें "मोहम्मद इकबाल" नाम से नागरिकता मिली थी। संघीय अधिकारियों के मुताबिक, बाद में फिंगरप्रिंट जांच से यह साबित हुआ कि अलग-अलग पहचान से भरे गए सभी आवेदन एक ही व्यक्ति के थे।
मुर्तजा अली पर क्या हैं आरोप?
अमेरिकी सरकार ने 14 जुलाई को टेक्सास में मुर्तजा अली के खिलाफ नागरिकता रद्द करने का मामला दर्ज किया। उन पर आव्रजन धोखाधड़ी, नागरिकता पाने की प्रक्रिया के दौरान झूठी गवाही देने और महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाने जैसे आरोप हैं। रिकॉर्ड के अनुसार, 2014 में अली ने अमेरिकी सरकारी एजेंसी को झूठी और भ्रामक जानकारी देने का दोष स्वीकार भी किया था, जिसमें उन्होंने तीन अलग-अलग पहचान का इस्तेमाल करने की बात मानी थी।
अन्य मामलों में कौन शामिल?
मुर्तजा अली के अलावा, इस कार्रवाई का सामना कर रहे अन्य लोग क्यूबा, मैक्सिको, पेरू और पोलैंड में पैदा हुए थे। इन पर बच्चों के यौन शोषण, कोकीन तस्करी, स्वास्थ्य बीमा (मेडिकेयर) धोखाधड़ी, और पहचान की धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप हैं। सरकार का कहना है कि इन सभी लोगों ने गैर-कानूनी तरीकों से या तथ्यों को छिपाकर अमेरिकी नागरिकता हासिल की थी।
सरकार का सख्त रुख
इस कार्रवाई की घोषणा करते हुए डीएचएस सचिव मार्कवेन मुलिन ने कहा, "जब आप नागरिकता हासिल करने की प्रक्रिया के दौरान धांधली करते हैं, तो आप अपनी अमेरिकी नागरिकता रखने का अधिकार खो देते हैं।" वहीं, कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने कहा कि ये लोग कानून के हिसाब से अच्छे नैतिक चरित्र के नहीं थे और उन्होंने जानबूझकर अपने अपराधों को छिपाया। न्याय विभाग के असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल ब्रेट ए. शुमेट ने चेतावनी दी कि यह तो बस शुरुआत है और ऐसी कई शिकायतें आने वाली हैं।
इनपुट: IANS



