कोलकाता के राजारहाट विस्फोट मामले में दूसरी गिरफ्तारी, NIA ने संभाली जांच की कमान
पश्चिम बंगाल के राजारहाट में शुक्रवार रात एक घर में हुए धमाके के मामले में पुलिस ने एक और व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस गिरफ्तारी के साथ ही मामले में अब तक दो आरोपी…
पश्चिम बंगाल के राजारहाट में शुक्रवार रात एक घर में हुए धमाके के मामले में पुलिस ने एक और व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस गिरफ्तारी के साथ ही मामले में अब तक दो आरोपी पुलिस की हिरासत में हैं। जांच का जिम्मा अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दिया गया है, जिसने मौके पर पहुंचकर सबूत जुटाने शुरू कर दिए हैं।
यह पूरा मामला कोलकाता के बाहरी इलाके राजारहाट के दक्षिण नारायणपुर स्थित सुपारी बागान इलाके का है, जहां शुक्रवार देर रात एक किराए के मकान में जोरदार विस्फोट हुआ था। धमाके में एक व्यक्ति घायल हो गया था। मौके पर पहुंची नारायणपुर थाना पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने घटनास्थल से दो और जिंदा बम बरामद किए, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
पुलिस ने इस मामले में दूसरे आरोपी के तौर पर शहंशाह नाम के एक ब्रोकर को गिरफ्तार किया है। उस पर आरोप है कि उसने मुख्य आरोपी मोहम्मद शमीम को फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर मकान किराए पर दिलाने में मदद की थी। इससे पहले, मुख्य आरोपी शमीम को शनिवार को उत्तर 24 परगना जिले के सोदपुर से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने शहंशाह को कई घंटों की लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार करने का फैसला किया।
पुलिस ने मकान के मालिक जुल्फिकार अली और एक नाबालिग को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। जांचकर्ताओं को पता चला है कि शमीम ने कुछ दिन पहले ही ब्रोकर शहंशाह के जरिए यह मकान किराए पर लिया था। फिलहाल, इस घटना में शामिल एक अन्य संदिग्ध की तलाश जारी है।
स्थानीय राजनीति और प्रतिक्रिया
घटना के बाद शनिवार को राजारहाट-न्यू टाउन से भाजपा विधायक पीयूष कनोडिया ने घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने स्थानीय निवासियों से मिलकर उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
कनोडिया ने कहा, "इस पूरे इलाके में लोगों के मन में डर का माहौल बनाया गया है। वर्षों तक यहां शासन करने वालों ने पूरे क्षेत्र को बर्बाद कर दिया। हम आतंकवाद नहीं, शिक्षा चाहते हैं। हम नहीं चाहते कि युवाओं के हाथों में बंदूकें और मशीनगन हों। हम चाहते हैं कि उनके हाथों में किताबें और कलम हों।"
इनपुट: IANS



