ओणम 2024: केरल सरकार का तोहफा, मुफ्त फूड किट और रियायती दरों पर मिलेगा राशन
केरल में फसल उत्सव ओणम की तैयारियां शुरू हो गई हैं, और राज्य सरकार ने त्योहार के दौरान महंगाई पर काबू पाने और खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ी योजना तैयार की है। समाचार एजेंसी…
केरल में फसल उत्सव ओणम की तैयारियां शुरू हो गई हैं, और राज्य सरकार ने त्योहार के दौरान महंगाई पर काबू पाने और खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ी योजना तैयार की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन की सरकार ने एक व्यापक बाजार हस्तक्षेप योजना का ऐलान किया है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अगस्त के अंतिम सप्ताह में मनाए जाने वाले इस पर्व पर लोगों को किफायती दरों पर ज़रूरी सामान मिल सके।
इस योजना के तहत, सरकार अगस्त के पहले सप्ताह से ही अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के लाभार्थियों को मुफ्त ओणम किट का वितरण शुरू कर देगी। इस किट में 16 आवश्यक खाद्य सामग्रियां होंगी। सरकार ने इस पहल के लिए करीब 53 करोड़ रुपये का बजट रखा है, जिसमें कल्याणकारी संस्थानों में रहने वाले लोग भी शामिल होंगे।
मेले और बाज़ारों की विस्तृत योजना
खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री अनूप जैकब ने बताया कि सरकार का वार्षिक ओणम बाज़ार हस्तक्षेप कार्यक्रम 8 अगस्त से सप्लाईको (Supplyco) के ओणम ट्रेड फेयर के साथ शुरू होगा। राज्य-स्तरीय मेले का उद्घाटन मुख्यमंत्री सतीशन एर्नाकुलम में करेंगे। बड़े व्यापार मेले तिरुवनंतपुरम, एर्नाकुलम और कोझिकोड में आयोजित किए जाएंगे, जबकि बाकी 11 जिलों में जिला-स्तरीय मेले 16 से 25 अगस्त के बीच लगेंगे। इसके अलावा, राज्य के सभी 126 विधानसभा क्षेत्रों में विशेष ओणम बाज़ार भी खोले जाएंगे।
राशन वितरण और मूल्य नियंत्रण
त्योहारी मांग को पूरा करने के लिए सरकार 1.29 लाख मीट्रिक टन से अधिक चावल और 24,500 मीट्रिक टन गेहूं जारी करेगी। नीले राशन कार्ड धारकों को अतिरिक्त 3 किलो चावल और 2 किलो गेहूं मिलेगा। वहीं, अन्य सभी राशन कार्ड धारकों को भी गेहूं उपलब्ध कराया जाएगा। लाभार्थियों को अगस्त में ही सितंबर महीने का सब्सिडी वाला कोटा एडवांस में खरीदने की सुविधा भी दी जाएगी।
सब्ज़ियों की कीमतों पर भी नज़र: त्योहार के दौरान सब्जियों के दाम नियंत्रित रखने के लिए हॉर्टिकॉर्प के आउटलेट रियायती दरों पर सब्जियां बेचेंगे। साथ ही, जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए जिला कलेक्टरों के नेतृत्व में विशेष टीमें पूरे राज्य में निरीक्षण करेंगी। सरकार ने ओणम किट, बाजार हस्तक्षेप और धान खरीद के लिए पिछले दो महीनों में 448.05 करोड़ रुपये पहले ही स्वीकृत कर दिए हैं।
इनपुट: IANS



