भुवनेश्वर: हिंसक प्रदर्शन के बाद 400 ऑटो-रिक्शा के परमिट पर लटकी तलवार, 113 लोग गिरफ्तार
ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में पिछले दिनों हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद अब प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, परिवहन विभाग ने करीब 400 ऑटो-रिक्शा के परमिट…
ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में पिछले दिनों हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद अब प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, परिवहन विभाग ने करीब 400 ऑटो-रिक्शा के परमिट को निलंबित या रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन वाहनों का इस्तेमाल बुधवार को ऐप-आधारित कैब चालकों और बाइक सवारों के प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर सड़कें जाम करने के लिए किया गया था।
यह पूरा मामला भुवनेश्वर के मास्टर कैंटीन स्क्वायर इलाके का है, जहां प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दी थी और कथित तौर पर तोड़फोड़ भी की थी, जिससे आम यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। इस दौरान सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुँचाने की खबरें हैं, जिसमें सीआरयूटी/अमा बस के वाहन भी शामिल हैं।
प्रशासन की कार्रवाई और कानूनी आधार
अधिकारियों ने पुलिस रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और ज़ब्ती सूचियों के आधार पर 400 से ज़्यादा ऐसे ऑटो-रिक्शा की पहचान की है जिनका इस्तेमाल सड़क जाम करने में हुआ था। परिवहन विभाग का कहना है कि वाहनों का ऐसी अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल करना परमिट की शर्तों का सीधा उल्लंघन है।
इसी आधार पर इन वाहन मालिकों को नोटिस जारी कर लिखित स्पष्टीकरण देने और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया गया है। विभाग ने साफ किया है कि अगर मालिक निर्धारित समय में जवाब नहीं देते हैं या पेश नहीं होते, तो उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर परमिट रद्द या निलंबित करने का फैसला लिया जा सकता है। यह कार्रवाई इस मामले में चल रही किसी भी अन्य आपराधिक कार्यवाही से अलग होगी।
पुलिस का शिकंजा और गिरफ्तारियां
इस बीच, कमिश्नरेट पुलिस ने भी इस मामले में कड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार को मिली जानकारी के मुताबिक, अब तक 113 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जा चुका है। पुलिस ने हिंसक प्रदर्शन में शामिल 354 ऑटो-रिक्शा भी जब्त किए हैं।
इसके अलावा, प्रदर्शन कर रहे 60 ऑनलाइन कैब चालकों को अच्छे व्यवहार के आधार पर जमानत पर रिहा कर दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि खारवेल नगर पुलिस स्टेशन में इस संबंध में कुल सात मामले दर्ज किए गए हैं और चेतावनी दी है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
इनपुट: IANS



