कोलकाता NEET प्रदर्शन हिंसा: सीएम सुवेंदु अधिकारी ने कहा - गिरफ्तार 14 लोग कट्टरपंथी थे, छात्र नहीं
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने रविवार को एक अहम खुलासा करते हुए कहा कि 24 जुलाई को कोलकाता में हुई हिंसक झड़प के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए 14 लोगों में से एक भी छात्र नहीं है…
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने रविवार को एक अहम खुलासा करते हुए कहा कि 24 जुलाई को कोलकाता में हुई हिंसक झड़प के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए 14 लोगों में से एक भी छात्र नहीं है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्यमंत्री ने इन लोगों को कट्टरपंथी करार दिया, जिनका असली मकसद छात्र कार्यकर्ता के वेश में शहर की शांति भंग करना था। यह प्रदर्शन नीट पेपर लीक और अन्य परीक्षा घोटालों के खिलाफ आयोजित किया गया था, लेकिन यह हिंसक हो गया था, जिसमें पुलिसकर्मियों और पत्रकारों को निशाना बनाया गया था।
सीएम सुवेंदु अधिकारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "उनका एकमात्र मकसद राज्य और देश में शांति भंग करना था।" उन्होंने चेतावनी दी कि इन सभी आरोपियों के खिलाफ नए और सख्त कानून 'पश्चिम बंगाल सार्वजनिक सुरक्षा और असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण अधिनियम, 2026' के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह कानून असामाजिक और हिंसक गतिविधियों से निपटने के लिए कड़े प्रावधान करता है।
हिंसा के पीछे संभावित कारण
मुख्यमंत्री ने अंदेशा जताया कि इस हिंसा का असली मकसद प्रदर्शन के घोषित उद्देश्य से कहीं ज़्यादा गहरा हो सकता है। उनके मुताबिक, यह भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के कुछ हालिया फैसलों के खिलाफ एक गुप्त प्रतिक्रिया हो सकती है।
उन्होंने कहा, "नई राज्य सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) प्रमाणपत्रों पर कलकत्ता उच्च न्यायालय के फैसले को लागू किया। इसने सार्वजनिक रूप से जानवरों की हत्या के खिलाफ कानून लागू किया। ध्वनि नीति (साउंड पॉलिसी) में नियम लागू किए गए हैं। हो सकता है कि इन घटनाक्रमों से नाराज होकर उपद्रवियों के एक समूह ने यह शरारत की हो।" सीएम ने यह भी कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में गैर-मान्यता प्राप्त (खारिजी) मदरसों की गतिविधियों की जांच शुरू करने के फैसले से भी कुछ लोग नाराज़ हो सकते हैं।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
इस मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी है। शुक्रवार को हुई हिंसा के संबंध में अब तक कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से तीन की गिरफ्तारी शनिवार रात और रविवार सुबह के बीच हुई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के आधार पर हिंसा में शामिल 70 लोगों की पहचान कर ली है।
उल्लेखनीय है कि यह विरोध रैली 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) और विभिन्न वामपंथी दलों के छात्र व युवा संगठनों ने मिलकर आयोजित की थी। इस घटना को लेकर कुल सात FIR दर्ज की गई हैं, जिसमें एक मामला पुलिस ने खुद संज्ञान लेते हुए (सुओ मोटो) दर्ज किया है।
इनपुट: IANS



