बरेली-सीतापुर हाईवे मामला: NHAI ने निजी कंपनी के 3,177 करोड़ के दावे को किया विफल, बचाए सरकारी पैसे
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक बड़ी कानूनी जीत हासिल करते हुए सार्वजनिक धन की सफलतापूर्वक रक्षा की है। बरेली-सीतापुर टोल परियोजना से जुड़े एक मध्यस्थता मामले में, एक निजी कंपनी…
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक बड़ी कानूनी जीत हासिल करते हुए सार्वजनिक धन की सफलतापूर्वक रक्षा की है। बरेली-सीतापुर टोल परियोजना से जुड़े एक मध्यस्थता मामले में, एक निजी कंपनी द्वारा किए गए 3,177 करोड़ रुपये के भारी-भरकम दावे के मुकाबले न्यायाधिकरण ने केवल 46 करोड़ रुपये और ब्याज का भुगतान करने का आदेश दिया है।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला उत्तर प्रदेश में 151 किलोमीटर लंबी बरेली-सीतापुर बीओटी (टोल) परियोजना से संबंधित है। इस परियोजना की रियायतग्राही कंपनी बरेली हाईवेज प्रोजेक्ट लिमिटेड (बीएचपीएल) थी, जिसे मेसर्स एरा इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड ने प्रवर्तित किया था। NHAI ने मई 2019 में इस कंपनी के साथ अनुबंध समाप्त कर दिया था।
दावों और प्रतिदावों की पूरी कहानी
तीन सदस्यीय मध्यस्थता न्यायाधिकरण (Arbitration Tribunal) ने रियायत समझौते से उत्पन्न दोनों पक्षों के दावों की जांच की। कंपनी बीएचपीएल ने कुल 30 दावे प्रस्तुत किए थे, जिनकी कुल राशि लगभग 3,177 करोड़ रुपये थी। वहीं, NHAI ने भी वित्तीय नुकसान और जनता को हुई असुविधा के आधार पर अपने प्रतिदावे दायर किए थे।
विस्तृत सुनवाई के बाद, न्यायाधिकरण ने NHAI के पक्ष को काफी हद तक सही माना। कंपनी के अधिकांश दावों को खारिज करते हुए केवल तीन दावों को स्वीकार किया गया, जिनकी कुल राशि 46 करोड़ रुपये (लागू ब्याज सहित) बनती है। ट्रिब्यूनल ने NHAI द्वारा दायर प्रतिदावों को तो स्वीकार नहीं किया, लेकिन प्राधिकरण कंपनी के बड़े वित्तीय दावों से अपना बचाव करने में सफल रहा, जिससे सार्वजनिक धन की बड़ी बचत हुई।
NHAI की हालिया कानूनी सफलताएं
यह पहला मौका नहीं है जब NHAI ने मध्यस्थता के मामलों में महत्वपूर्ण जीत हासिल की है। हाल के कुछ महीनों में प्राधिकरण ने कई बड़े मामलों में सफलतापूर्वक अपना पक्ष रखा है।
- जून 2024: कर्नाटक में तुमकुर-चित्रदुर्ग 6-लेन परियोजना में NHAI के पक्ष में 1,202 करोड़ रुपये का फैसला आया।
- अप्रैल 2024: पानीपत-जालंधर राजमार्ग परियोजना के दो मामलों में, ठेकेदार के 8,375 करोड़ रुपये के दावों के मुकाबले NHAI के पक्ष में 819.96 करोड़ रुपये में निपटारा हुआ।
- मई 2024: गुजरात में NH-48 पर कामरेज-चलथान खंड के मामले में, ठेकेदार के 174.49 करोड़ रुपये के दावों को महज 54 लाख रुपये में निपटाया गया।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि ये सफल परिणाम NHAI के मजबूत अनुबंध प्रबंधन और प्रभावी कानूनी रणनीति को दर्शाते हैं। इससे राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास में पारदर्शिता और सार्वजनिक धन के सही उपयोग को सुनिश्चित करने का संकल्प भी मजबूत होता है।
इनपुट: IANS



