नेपाल में बाढ़ की तबाही: भारत ने भेजी 47.5 टन राहत सामग्री, बेली ब्रिज भेजने की भी तैयारी
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पड़ोसी देश में राहत और बचाव कार्यों में सहायता के लिए भारत ने दो विमानों से 47.5 टन आपातकालीन…
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पड़ोसी देश में राहत और बचाव कार्यों में सहायता के लिए भारत ने दो विमानों से 47.5 टन आपातकालीन सामग्री भेजी है और जल्द ही बेली ब्रिज भी भेजेगा। चीन के तिब्बती क्षेत्र से भोटे कोशी नदी में आई इस अचानक बाढ़ ने नेपाल में भारी तबाही मचाई है, जिसमें सैकड़ों लोगों की जान चली गई है और 800 से अधिक लोग अब भी लापता हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में एक प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि भारत की ओर से भेजी गई सहायता में अस्थायी आश्रय, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप, दवाएं और खाद्य सामग्री शामिल है। उन्होंने कहा, "मानवीय सहायता के साथ दो विमान काठमांडू भेजे गए हैं।" जायसवाल ने आगे कहा, "हम बचाव और राहत प्रयासों में सहायता के लिए बेली ब्रिज भी जुटा रहे हैं।"
राहत सामग्री का ब्योरा
प्रवक्ता के अनुसार, बुधवार रात को एक सी-130जे विमान 10 टन सामग्री लेकर रवाना हुआ था। इसके बाद गुरुवार सुबह एक सी-17 विमान ने 37.5 टन सामान के साथ उड़ान भरी, जिसमें 28.5 टन राहत सामग्री, आठ टन दवाएं और एक टन खाद्य सामग्री शामिल थी। इस तरह कुल मिलाकर 47.5 टन आपातकालीन आपूर्ति नेपाल भेजी जा चुकी है और आगे भी सहायता पर विचार किया जा रहा है।
बाढ़ का कहर और हताहतों की संख्या
भोटे कोशी नदी में आई इस भीषण बाढ़ से नेपाल में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। नेपाल पुलिस ने गुरुवार दोपहर तक मरने वालों की संख्या 270 तक पहुंचने की पुष्टि की है। सबसे अधिक 108 शव चितवन जिले से बरामद हुए हैं। इसके अलावा नवलपरासी ईस्ट से 62, धाडिंग से 27 और रसुवा से 17 शव मिले हैं। बाढ़ के कारण रिहायशी इलाकों, पनबिजली परियोजनाओं और अन्य बुनियादी ढांचों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है।
भारतीय नागरिकों के लिए हेल्पलाइन
विदेश मंत्रालय ने कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए एक कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जो 24 घंटे काम करेगा। रणधीर जायसवाल ने बताया, "हमने विदेश मंत्रालय में यहां एक कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जो चौबीसों घंटे काम करेगा।" उन्होंने यह भी जानकारी दी कि काठमांडू और बीजिंग स्थित भारतीय दूतावासों ने भी 24/7 हेल्पलाइन शुरू की हैं और मंत्रालय संबंधित राज्य सरकारों के साथ भी लगातार संपर्क में है।
इनपुट: IANS



