नेपाल में भोटेकोसी नदी की बाढ़ ने मचाई तबाही, 469 की मौत, 500 से ज़्यादा विदेशी समेत 977 लोग अब भी लापता
नेपाल की भोटेकोसी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 469 हो गई है, जबकि 977 लोग अभी भी लापता हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, लापता लोगों में 517 विदेशी नागरिक भी…
नेपाल की भोटेकोसी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 469 हो गई है, जबकि 977 लोग अभी भी लापता हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, लापता लोगों में 517 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। माना जा रहा है कि यह आपदा नेपाल-चीन सीमा पर एक अंतरराष्ट्रीय नदी में हिमस्खलन के कारण आई, जिसके बाद नदी के निचले इलाकों में भारी तबाही हुई।
बाढ़ का बहाव इतना तेज था कि इसने अपने रास्ते में आने वाली कई बस्तियों, सड़कों, जलविद्युत परियोजनाओं और बिजली के बुनियादी ढाँचों को पूरी तरह तबाह कर दिया।
लापता लोगों में सैकड़ों विदेशी नागरिक
नेपाल के नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, जिन 977 लोगों से संपर्क नहीं हो पाया है, उनमें बड़ी संख्या विदेशियों की है। भारत के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार रात जानकारी दी थी कि इस आपदा के बाद 290 भारतीय नागरिक लापता हैं। वहीं, अमेरिका ने अपने करीब 90 नागरिकों के प्रभावित होने की आशंका जताई है। चीन के अनुसार भी, भूस्खलन के बाद लगभग 100 चीनी नागरिक नेपाल की तरफ लापता हैं। लापता लोगों की सूची में विदेश में रहने वाले 127 नेपाली नागरिक भी शामिल हैं।
क्षति और बचाव कार्य का विवरण
अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ के बाद अब तक विभिन्न जिलों से कुल 469 शव बरामद किए गए हैं। सबसे अधिक 178 शव चितवन जिले से मिले हैं। इसके अलावा नवलपरासी पूर्व में 110, गोरखा में 44 और नुवाकोट में 37 शव मिले हैं। अन्य प्रभावित जिलों में तनहुन (28), नवलपरासी पश्चिम (27), धाडिंग (23) और रसुवा (12) शामिल हैं। इस आपदा में 73 लोगों के घायल होने की भी खबर है, जिनमें रसुवा में 43, नुवाकोट में 27 और धाडिंग में तीन लोग शामिल हैं।
लापता लोगों में सुरक्षाकर्मी और सरकारी कर्मचारी भी हैं, जिनमें नेपाल पुलिस के 28, नेपाल सेना के 45, सशस्त्र पुलिस बल के 13, कस्टम ऑफिस के 15 और इमिग्रेशन ऑफिस के चार कर्मचारी शामिल हैं।
राहत और बचाव अभियान जारी
आपदा प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत कार्यों के लिए 13,295 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है, जिसमें नेपाल पुलिस, सेना और सशस्त्र पुलिस बल के जवान शामिल हैं। बचाव दलों ने अब तक 3,253 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया है। फंसे हुए लोगों को निकालने और उन तक राहत सामग्री पहुँचाने के लिए हेलीकॉप्टरों की भी मदद ली जा रही है।
नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने राहत कार्यों में समन्वय की अपील की है। सरकार ने कहा है कि कई संगठन बिना पूर्व सूचना के राहत सामग्री लेकर पहुँच रहे हैं, जिससे सड़कों पर जाम लग रहा है और एम्बुलेंस व बचाव दलों की आवाजाही में बाधा आ रही है। पीएमओ ने राहत सामग्री भेजने के इच्छुक लोगों से पहले जिला प्रशासन से संपर्क करने को कहा है।
इनपुट: IANS



