मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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अफगानिस्तान: सर्दी में भुखमरी का भयानक संकट, 1.9 करोड़ से ज़्यादा लोग गंभीर खाद्य असुरक्षा की चपेट में — UN की चेतावनी

अफगानिस्तान में आने वाली सर्दियों में हालात बेहद गंभीर हो सकते हैं, जहाँ देश की लगभग 40 प्रतिशत आबादी के सामने खाने का भयानक संकट खड़ा होने की आशंका है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार…

अफगानिस्तान: सर्दी में भुखमरी का भयानक संकट, 1.9 करोड़ से ज़्यादा लोग गंभीर खाद्य असुरक्षा की चपेट में — UN की चेतावनी
(फोटो: IANS)

अफगानिस्तान में आने वाली सर्दियों में हालात बेहद गंभीर हो सकते हैं, जहाँ देश की लगभग 40 प्रतिशत आबादी के सामने खाने का भयानक संकट खड़ा होने की आशंका है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र की दो प्रमुख एजेंसियों — खाद्य और कृषि संगठन (FAO) और विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) — ने चेतावनी दी है कि नवंबर से अप्रैल के बीच करीब 1.92 करोड़ लोग गंभीर खाद्य असुरक्षा का सामना करेंगे।

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यह आंकड़ा पिछले साल की इसी अवधि के अनुमानित 1.74 करोड़ लोगों से कहीं ज़्यादा है, जो बिगड़ती स्थिति की ओर इशारा करता है। एजेंसियों ने अपने नवीनतम एकीकृत खाद्य सुरक्षा चरण वर्गीकरण (IPC) विश्लेषण का हवाला देते हुए यह जानकारी दी।

भूख और कुपोषण की दोहरी मार

रिपोर्ट के मुताबिक, गंभीर खाद्य संकट झेल रहे 1.92 करोड़ लोगों में से लगभग 50 लाख लोग भुखमरी के आपातकालीन स्तर (IPC चरण 4) का सामना कर सकते हैं। यह संख्या अप्रैल-सितंबर 2026 के अनुमान से दोगुनी है। बदख्शां, बादगीस, दायकुंडी, गोर, समांगन, सर-ए-पोल और ग्रामीण गजनी जैसे प्रांतों में स्थिति सबसे ज़्यादा खराब होने की आशंका जताई गई है।

इसके साथ ही, कुपोषण के मामलों में भी तेज बढ़ोतरी का अनुमान है। 2026 की तुलना में कुपोषण के मामले करीब 10 प्रतिशत बढ़कर 40 लाख तक पहुँच सकते हैं। इनमें से एक चौथाई मामले गंभीर और जानलेवा हो सकते हैं, जिससे सबसे ज़्यादा खतरा महिलाओं और बच्चों पर मंडरा रहा है।

संकट के पीछे के कई कारण

अफगानिस्तान में यह मानवीय संकट कई वजहों से गहरा रहा है। इनमें इस साल ईरान और पाकिस्तान से 12 लाख से अधिक अफगानों की जबरन वापसी, सीमाओं का बंद होना, होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते जहाजों की आवाजाही में रुकावट और मानवीय सहायता के लिए फंडिंग की भारी कमी शामिल है। इन कारणों से देश में बुनियादी वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ गई हैं।

एजेंसियों ने यह भी बताया कि 2026 में अच्छी बारिश के कारण फसल उत्पादन तो बढ़ा, लेकिन लगातार बेरोजगारी का मतलब है कि जो परिवार खुद अनाज नहीं उगाते, वे अब भी पौष्टिक भोजन खरीदने में असमर्थ हैं।

विशेषज्ञों की अपील

अफगानिस्तान में FAO के प्रतिनिधि रिचर्ड ट्रेंचर्ड ने कहा, "इस साल की अच्छी फसल दिखाती है कि अफगान किसान क्या हासिल कर सकते हैं। लेकिन जिस माता-पिता के पास स्थायी आय स्रोत नहीं है, उसके लिए बाजार में पौष्टिक भोजन अब भी उसके परिवार की पहुंच से बाहर हो सकता है। संकट और झटकों का सिलसिला लगातार जारी है, लेकिन हम जानते हैं कि प्रगति संभव है।"

वहीं, WFP के कंट्री डायरेक्टर जॉन आयलिफ ने कहा कि संकट अब "जरूरतों और फंडिंग के बीच बढ़ते अंतर से परिभाषित हो रहा है।" उन्होंने आगे कहा, "भूख और कुपोषण अफगानिस्तान के परिवारों पर अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं और ज्यादा लोगों को ऐसे मोड़ पर धकेल रहे हैं, जहां मदद के लिए संसाधन कम पड़ रहे हैं। हमारे पास अब भी एक्शन लेने का समय है, लेकिन वक्त तेजी से बीत रहा है।" आयलिफ ने तत्काल मदद की अपील करते हुए कहा कि ऐसा न होने पर परिवारों को बेहद मुश्किल फैसले लेने पड़ सकते हैं।

इनपुट: IANS

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