नासिक प्लॉट घोटाला: 197 आरोपी, फरार अफसर विदेश से पकड़ा, दिसंबर सत्र में आएगी पूरी रिपोर्ट
एक सरकारी अधिकारी जो घोटाले में शामिल होकर देश छोड़ फरार हो गया, उसे विदेश में ट्रैक कर वापस लाया गया — यह नासिक के 13 साल पुराने भूमि घोटाले की कहानी का सबसे चौंकाने वाला पहलू है। महाराष्ट्र के राजस्
एक सरकारी अधिकारी जो घोटाले में शामिल होकर देश छोड़ फरार हो गया, उसे विदेश में ट्रैक कर वापस लाया गया — यह नासिक के 13 साल पुराने भूमि घोटाले की कहानी का सबसे चौंकाने वाला पहलू है। महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सोमवार को विधान परिषद में इस पूरे मामले की परतें खोलते हुए बताया कि शीतकालीन सत्र (दिसंबर) तक सदन के सामने विस्तृत 'एक्शन टेकन रिपोर्ट' पेश की जाएगी।
IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, बावनकुले शिवसेना विधायक अनिल परब के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब दे रहे थे, जो नासिक नगर निगम क्षेत्र में समग्र आवास नीति के तहत आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग (EWS) के लिए बने मकानों की व्यवस्थित लूट से जुड़ा था।
घोटाले की जड़: 20% आरक्षण से बचने की साज़िश
शहरी विकास विभाग के 8 नवंबर 2013 के नियमों के तहत, 4 एकड़ या उससे बड़ी किसी भी आवासीय परियोजना में 20 प्रतिशत मकान या ज़मीन EWS वर्ग के लिए आरक्षित कर म्हाडा को सौंपनी होती है। बिल्डरों ने इस बाध्यता से बचने का तरीका निकाला — बड़े प्लॉट को कागज़ों पर छोटे-छोटे टुकड़ों में दिखाना। एक उदाहरण के रूप में मंत्री ने बताया कि 7 एकड़ की एक जमीन को कागज़ात में सात अलग-अलग प्लॉट बनाकर दर्ज कर दिया गया।
इसके अलावा फर्जी नक्शे जमा कर 20 प्रतिशत आरक्षण से अवैध छूट हासिल की गई। कुल मिलाकर ऐसे 49 मामलों की पहचान की गई है जिनमें भूमि विभाजन और सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर कर गरीबों के हक़ के मकानों को हड़पा गया। इस पूरी साज़िश में म्हाडा, नासिक टाउन प्लानिंग और भूमि अभिलेख विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत भी उजागर हुई है।
VRS लेकर 'सलाहकार' बना अधिकारी — सरकारी तनख्वाह से 50 गुना कमाई
इस घोटाले का एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। भूमि अभिलेख विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ली और इस पूरे ऑपरेशन के मुख्य सलाहकार बन बैठे। उन्होंने अपनी पूर्व सरकारी सैलरी से 50 गुना अधिक कमाई की। जब मामला उजागर हुआ तो वह देश छोड़कर फरार हो गए, लेकिन राजस्व विभाग ने उन्हें विदेश में ट्रैक किया और वापस लाने में कामयाबी पाई। उन्हें डेढ़ महीने जेल में रखकर गहन पूछताछ की गई।
SIT को दो महीने का अतिरिक्त समय, अगस्त 2026 तक अंतिम रिपोर्ट
घोटाले की व्यापकता को देखते हुए नासिक विभागीय आयुक्त प्रवीण गेडाम की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय SIT ने दो महीने का अतिरिक्त समय माँगा है। इस SIT में पुलिस आयुक्त, सेटलमेंट कमिश्नर और IGR जैसे वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। अंतिम SIT रिपोर्ट 18 अगस्त 2026 तक सरकार को सौंपी जाएगी, जिसके बाद अगले दो महीनों में निष्कर्षों की समीक्षा होगी। शहरी विकास मंत्रालय और राजस्व विभाग संयुक्त रूप से पूरी एक्शन टेकन रिपोर्ट दिसंबर के शीतकालीन सत्र में सदन के पटल पर रखेंगे।
197 आरोपी चिह्नित, 104 पर FIR — सभी आरोप गैर-ज़मानती
अब तक इस मामले में 197 आरोपियों की पहचान हो चुकी है और 104 के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। महाराष्ट्र भूमि राजस्व संहिता की धारा 257 के तहत 50 फर्जी भूमि लेनदेन को निरस्त किया जा चुका है। दर्ज सभी आरोप गैर-जमानती हैं और कई आरोपी गिरफ्तार भी हो चुके हैं।
बावनकुले ने स्पष्ट किया कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री के साथ इस विषय पर सकारात्मक चर्चा हो चुकी है — ताकि म्हाडा को हुए वित्तीय नुकसान की वसूली की जा सके और अवैध तरीके से हड़पी गई ज़मीनें वापस लेकर उन्हें गरीबों के आवास के लिए फिर से उपयोग में लाया जा सके।
इनपुट: IANS



