शुक्रवार, 4 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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भोपाल: रिहायशी इलाकों में दुकानों की सीलिंग पर मध्य प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट में निकालेगी 'बीच का रास्ता'

मध्य प्रदेश सरकार भोपाल के रिहायशी इलाकों में चल रही व्यावसायिक दुकानों और प्रतिष्ठानों को सील किए जाने के मामले में एक स्थायी समाधान तलाश रही है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सरकार की कोशिश सुप्रीम…

भोपाल: रिहायशी इलाकों में दुकानों की सीलिंग पर मध्य प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट में निकालेगी 'बीच का रास्ता'
(फोटो: IANS)

मध्य प्रदेश सरकार भोपाल के रिहायशी इलाकों में चल रही व्यावसायिक दुकानों और प्रतिष्ठानों को सील किए जाने के मामले में एक स्थायी समाधान तलाश रही है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सरकार की कोशिश सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए व्यापारियों को आर्थिक नुकसान से बचाने का "बीच का रास्ता" निकालने की है। इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों को दिल्ली भेजा गया है ताकि वे वरिष्ठ वकीलों से कानूनी सलाह ले सकें।

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यह जानकारी गुरुवार को प्रदेश के शहरी विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भोपाल में मीडिया से बातचीत के दौरान दी। उन्होंने बताया कि सरकार चाहती है कि अदालत के सामने अपना पक्ष मजबूती से रखा जा सके और भोपाल के प्रभावित निवासियों के हितों की रक्षा हो सके।

क्यों हो रही है सीलिंग की कार्रवाई?

यह पूरा विवाद सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश से जुड़ा है जिसमें ज़मीन के इस्तेमाल से जुड़े नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करने को कहा गया था। इसी आदेश के तहत भोपाल नगर निगम (बीएमसी) उन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई कर रहा है जो आवासीय क्षेत्रों में चल रहे हैं। पिछले कुछ हफ्तों में जब से बीएमसी ने सीलिंग अभियान दोबारा शुरू किया है, व्यापारियों में भारी नाराज़गी है। उनका तर्क है कि कई दुकानें सालों से चल रही हैं और अचानक की जा रही इस कार्रवाई से उनकी रोजी-रोटी और व्यापार पर गंभीर असर पड़ रहा है।

सरकार के पिछले प्रयास और सुप्रीम कोर्ट का रुख

राज्य सरकार ने पहले भी इस मामले में हस्तक्षेप की कोशिश की थी। उसने नगर निगम को सीलिंग रोकने का निर्देश दिया था और मुद्दे की जांच के लिए एक समिति भी बनाई थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने बाद में सरकार के इस दखल पर रोक लगा दी और अधिकारियों को अपने पुराने आदेशों का पालन जारी रखने का निर्देश दिया। इसके बाद ही बीएमसी को फिर से सीलिंग की कार्रवाई शुरू करनी पड़ी।

इस मामले की अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में 15 सितंबर को होनी है। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, "भोपाल के लोगों में कुछ नाराज़गी और विरोध है। हालांकि, सरकार लगातार समाधान खोजने की कोशिश कर रही है।" उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि लंबे समय से अटके भोपाल मास्टर प्लान पर भी चर्चा चल रही है और जल्द ही इस पर कोई फैसला लिया जाएगा, जिससे भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचा जा सके।

इनपुट: IANS

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News4Social मध्य प्रदेश डेस्क

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