बंगाल-झारखंड के दो इनामी माओवादियों का कोलकाता में आत्मसमर्पण, AK-47 भी सौंपी
पश्चिम बंगाल और झारखंड में मोस्ट वांटेड रहे एक माओवादी दंपती ने शुक्रवार को हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। 5 लाख के इनामी मंगल और 2 लाख की इनामी मालती ने कोलकाता पुलिस…
पश्चिम बंगाल और झारखंड में मोस्ट वांटेड रहे एक माओवादी दंपती ने शुक्रवार को हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। 5 लाख के इनामी मंगल और 2 लाख की इनामी मालती ने कोलकाता पुलिस मुख्यालय लालबाजार में पुलिस आयुक्त अजय के. नंद के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस दौरान उन्होंने एक एके-47 और एक इंसास राइफल भी पुलिस को सौंपी।
पुलिस के मुताबिक, मंगल 2010 के आसपास माओवादी आंदोलन में शामिल हुआ था और दिवंगत माओवादी नेता कोटेश्वर राव उर्फ किशनजी का करीबी माना जाता था, जो नवंबर 2011 में एक मुठभेड़ में मारा गया था। मंगल पश्चिम मेदिनीपुर के सालबोनी का रहने वाला है, जबकि उसकी पत्नी मालती झारग्राम जिले के गोपीबल्लभपुर से है।
झारखंड में सक्रियता और सुरक्षाबलों का दबाव
भले ही दोनों पश्चिम बंगाल के रहने वाले हों, लेकिन उनकी माओवादी गतिविधियां मुख्य रूप से झारखंड के दलमा और सारंडा जैसे इलाकों तक ही सीमित थीं। मालती भी मंगल के बाद ही वामपंथी उग्रवाद से जुड़ी थी। पुलिस ने बताया कि सुरक्षा बलों के लगातार बढ़ते दबाव के कारण इस साल की शुरुआत से ही माओवादियों के लिए सारंडा वन क्षेत्र में काम करना मुश्किल हो गया था, जिसके चलते उन्हें वह इलाका छोड़ना पड़ा।
आत्मसमर्पण के बाद मंगल ने कहा कि उसे एहसास हो गया है कि सशस्त्र संघर्ष से सामाजिक बदलाव नहीं लाया जा सकता। उसने कहा, “हम दोनों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है।”
हाल के दिनों में कई माओवादियों का आत्मसमर्पण
सुरक्षा बलों की सूची में पश्चिम बंगाल के लगभग 13 माओवादी थे, जिन्हें समय-समय पर गिरफ्तार कर लिया गया। हाल के समय में यह दूसरा बड़ा आत्मसमर्पण है। कुछ महीने पहले एक अन्य वांछित माओवादी नेता पुष्पा ने भी कोलकाता में आत्मसमर्पण किया था, जबकि हाल ही में झारखंड में तीन माओवादियों को गिरफ्तार भी किया गया था।
इनपुट: IANS



