महाराष्ट्र में मानसून का क़हर: मुंबई समेत कोंकण के कई ज़िलों में रेड अलर्ट, जनजीवन ठप
महाराष्ट्र में मानसून की ज़ोरदार बारिश ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। पिछले 24 घंटों से जारी मूसलाधार वर्षा के कारण मुंबई, पूरे कोंकण क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ में बाढ़ जैसे हालात बन
महाराष्ट्र में मानसून की ज़ोरदार बारिश ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। पिछले 24 घंटों से जारी मूसलाधार वर्षा के कारण मुंबई, पूरे कोंकण क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMडी) ने 6 जुलाई तक भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान जताया है, जिसके बाद प्रशासन ने लोगों को बहुत ज़रूरी होने पर ही घरों से निकलने की सलाह दी है।
लगातार हो रही बारिश के चलते मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग ज़िलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। आपातकालीन प्रतिक्रिया दलों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर रखा गया है।
मुंबई में रिकॉर्ड बारिश और जलभराव
मुंबई में बारिश ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। महीने के शुरुआती तीन दिनों में ही जुलाई की औसत मासिक वर्षा का 60 प्रतिशत पानी बरस चुका है। इसके चलते शहर के कई निचले इलाके झीलों में तब्दील हो गए हैं। भारी जलभराव, सड़कों के धंसने और पेड़ गिरने की घटनाओं ने शहर की रफ़्तार पर ब्रेक लगा दिया है।
जलभराव के कारण अंधेरी सबवे को यातायात के लिए बंद करना पड़ा है और पूर्वी-पश्चिमी उपनगरों को जोड़ने वाले ट्रैफिक को दूसरे रास्तों पर भेजा गया है। वहीं, जोगेश्वरी-विक्रोली लिंक रोड (JVLR) पर भी अंधेरी MIDC में रोल्टा जंक्शन और SEEPZ गेट नंबर 2 के पास पानी भरने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
रेल और सड़क यातायात पर भारी असर
मुंबई की जीवनरेखा कही जाने वाली लोकल ट्रेन सेवा भी बारिश से प्रभावित हुई है। पश्चिमी रेलवे को नालासोपारा स्टेशन पर पटरियों पर पानी भरने के कारण ट्रेनों को धीमी गति से चलाना पड़ रहा है, जिससे वे 15 से 20 मिनट की देरी से चल रही हैं। इस वजह से पीक आवर्स में स्टेशनों पर भारी भीड़ देखी जा रही है।
मुंबई के पड़ोसी ज़िलों में भी हालात चिंताजनक हैं। डोंबिवली रेलवे स्टेशन और आसपास का बाज़ार पूरी तरह पानी में डूब गया। दुकानों में पानी घुसने से व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ है। मुंब्रा में महज़ 6 घंटे के भीतर 88.84 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे अमृत नगर इलाके की दुकानें जलमग्न हो गईं। वसई के मिथागर बस्ती में सड़कें कमर तक पानी में डूब गईं, जिससे 150 परिवार और 1,000 से ज़्यादा लोग फंस गए। एहतियात के तौर पर, राज्य बिजली कंपनी महावितरण ने कई इलाक़ों में बिजली आपूर्ति बंद कर दी है।
इनपुट: IANS



