मुंबई: मानखुर्द में चॉल ढहने से एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत, सरकार ने जांच के आदेश दिए
मुंबई के मानखुर्द इलाके में भारी बारिश के बीच एक तीन मंजिला चॉल गिरने से एक ही परिवार के पाँच बच्चों समेत छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद महाराष्ट्र सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं, वहीं व
मुंबई के मानखुर्द इलाके में भारी बारिश के बीच एक तीन मंजिला चॉल गिरने से एक ही परिवार के पाँच बच्चों समेत छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद महाराष्ट्र सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं, वहीं विपक्ष ने प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह हादसा पूर्वी उपनगर मानखुर्द के जनता नगर इलाके में हुआ।
हादसे में जान गंवाने वालों में 32 वर्षीय सोनी और पांच बच्चे- आलिया (7), मुस्कान (14), निहाल (6), नाबिया (2) और मुनाफ (7) शामिल हैं। इस घटना में 24 वर्षीय रेहान अली घायल हो गए, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
घटनास्थल का जायजा और जांच के आदेश
घटना के बाद राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने सीधे नासिक से आकर स्थिति का जायजा लिया और इसे एक बेहद दुखद दुर्घटना बताया। महाजन ने कहा, "इस इलाके की गलियां बहुत संकरी हैं और घर एक-दूसरे पर खतरनाक तरीके से बने हैं। केवल 12x12 फीट की नींव पर तीन-तीन मंजिलें बना दी गई हैं, जिनमें से ज्यादातर अवैध हैं।" उन्होंने आश्वासन दिया कि शहर की सभी खतरनाक और अवैध इमारतों की कड़ी जांच शुरू की जाएगी।
विपक्ष ने उठाए सवाल
इस हादसे को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि हर मॉनसून में ऐसी घटनाएं होती हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन बेखबर रहते हैं। उन्होंने कहा, "निर्दोष लोगों की जान जाती है और फिर जांच के आदेश दे दिए जाते हैं। इस हादसे की गहन जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।" वहीं, कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने इसे महज एक हादसा नहीं, बल्कि प्रशासन की लापरवाही का नतीजा बताया।
राहत और बचाव कार्य
जानकारी के अनुसार, जनता नगर की चॉल नंबर-5 में स्थित यह ढांचा ढहते ही कई लोग मलबे में दब गए। सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, मुंबई फायर ब्रिगेड, स्थानीय पुलिस और नगर निगम की टीमें मौके पर पहुंचीं। युद्ध स्तर पर चलाए गए बचाव अभियान में दबे हुए लोगों को निकालकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी कहा कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों से घटना की पूरी जानकारी ली है।
इनपुट: IANS



