मेलानिया ट्रंप की मध्यस्थता से यूक्रेन के ओलेश्की शहर में अस्थायी युद्धविराम, फंसे नागरिकों को मिलेगी मदद
यूक्रेन के युद्धग्रस्त दक्षिणी शहर ओलेश्की में फंसे हजारों नागरिकों, विशेषकर बुजुर्गों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। अमेरिका की पूर्व प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप की सीधी मध्यस्थता के बाद रूस और…
यूक्रेन के युद्धग्रस्त दक्षिणी शहर ओलेश्की में फंसे हजारों नागरिकों, विशेषकर बुजुर्गों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। अमेरिका की पूर्व प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप की सीधी मध्यस्थता के बाद रूस और यूक्रेन वहां अस्थायी युद्धविराम के लिए सहमत हो गए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह समझौता 29 अक्टूबर से प्रभावी होगा, जिसका मुख्य उद्देश्य मानवीय सहायता पहुंचाना और लोगों को सुरक्षित निकालना है।
इस राजनयिक पहल की शुरुआत तब हुई जब मेलानिया ट्रंप को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान आयोजित अपने 'फोस्टरिंग द फ्यूचर टुगेदर' कार्यक्रम में ओलेश्की के गंभीर हालात की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने और उनके प्रतिनिधि ने रूस और यूक्रेन के साथ पहले से स्थापित संचार चैनलों का उपयोग करके बातचीत शुरू की।
समझौते के प्रमुख प्रावधान
व्हाइट हाउस ने इस पहल को एक मानवीय हस्तक्षेप बताया है, जिसके तहत सैन्य अभियानों को रोककर राहत कार्यों के लिए एक सुरक्षित गलियारा बनाया जाएगा। समझौते के अनुसार, रूस और यूक्रेन के नागरिक प्रतिनिधि मिलकर निवासियों की जरूरतों का आकलन करने के लिए घर-घर जाएंगे। जो लोग शहर छोड़ना चाहेंगे, उन्हें उनकी पसंद के गंतव्य तक पहुंचाने के लिए परिवहन और सहायता प्रदान की जाएगी। मेलानिया ट्रंप ने अनुमान जताया, “कुछ लोग रूस जाना चाहेंगे और कुछ यूक्रेन।”
मेलानिया ट्रंप ने क्या कहा?
मेलानिया ट्रंप ने ओलेश्की की स्थिति को 'बेहद गंभीर' और शहर को 'विनाश के कगार पर' बताया। उन्होंने कहा, “यह अग्रिम मोर्चे पर स्थित एक युद्धग्रस्त शहर है... शहर में अब भी रह रहे ज्यादातर लोग बुजुर्ग हैं और उन्हें आवश्यक वस्तुओं की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि सीमित बिजली, बारूदी सुरंगों से भरी सड़कों और नियमित सैन्य हमलों के बीच वहां मानवीय सहायता पहुंचाना या लोगों को निकालना उनके हस्तक्षेप के बिना 'असंभव' था।
पारदर्शिता और क्रियान्वयन
समझौते को जमीन पर उतारने के लिए दोनों देशों ने अपनी-अपनी टीमें नियुक्त की हैं, जो सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए बारूदी सुरंगों को हटाने का काम भी करेंगी। पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक स्वतंत्र अमेरिकी मीडिया संगठन को भी शामिल किया गया है। मेलानिया ट्रंप के अनुसार, “मैंने एक निष्पक्ष अमेरिकी मीडिया संगठन की व्यवस्था भी की है, जो पूरी प्रक्रिया के दौरान जमीन पर रूसी और यूक्रेनी टीमों के साथ रहकर घटनाक्रम का दस्तावेजीकरण करेगा।” इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निकासी के दौरान नागरिकों और उनके परिवारों की इच्छाओं का सम्मान हो।
इनपुट: IANS



