शनिवार, 27 जून 2026 · नई दिल्ली
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मेघालय का ड्रीम मिशन: नशे के खिलाफ सरकारी योजना अब जन आंदोलन की शक्ल ले चुकी है

नशाखोरी और अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ मेघालय सरकार की महत्वाकांक्षी पहल अब महज एक सरकारी कार्यक्रम नहीं रही — यह जमीनी स्तर पर एक व्यापक जन आंदोलन में बदल चुकी है। यह बात स्वयं मुख्यमंत्री

मेघालय का ड्रीम मिशन: नशे के खिलाफ सरकारी योजना अब जन आंदोलन की शक्ल ले चुकी है
(फोटो: IANS)

नशाखोरी और अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ मेघालय सरकार की महत्वाकांक्षी पहल अब महज एक सरकारी कार्यक्रम नहीं रही — यह जमीनी स्तर पर एक व्यापक जन आंदोलन में बदल चुकी है। यह बात स्वयं मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने शुक्रवार को कही।

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IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री संगमा शिलांग में नशाखोरी और अवैध तस्करी के विरुद्ध अंतर्राष्ट्रीय दिवस के राज्य स्तरीय आयोजन को संबोधित कर रहे थे। इसी मंच से उन्होंने राज्य के ड्रीम मिशन — यानी नशा निवारण, उन्मूलन और कार्रवाई — की प्रगति और दिशा पर विस्तार से प्रकाश डाला।

ड्रीम मिशन: समन्वय की कमी को पाटने की कोशिश

संगमा ने स्वीकार किया कि अनेक संगठन और व्यक्ति वर्षों से मादक पदार्थों के दुरुपयोग के विरुद्ध संघर्ष करते आए हैं, किंतु उनके प्रयासों में अक्सर आपसी तालमेल का अभाव रहा। ड्रीम मिशन ने इसी खाई को पाटने का काम किया है — सरकारी विभागों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, शैक्षणिक संस्थानों, नागरिक समाज संगठनों और स्थानीय समुदायों को एक साझा मंच पर लाकर बेहतर सहयोग और अधिक प्रभावशाली परिणाम सुनिश्चित किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि इस मिशन का मूल उद्देश्य नशाखोरी की रोकथाम, पुनर्वास को सुदृढ़ बनाना, जागरूकता का प्रसार और रिकवरी में सहायता प्रदान करना है।

कलंक की जगह करुणा — अभियान का सामाजिक संदेश

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर एक महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि इस अभियान का लक्ष्य केवल तस्करी और नशे को खत्म करना नहीं, बल्कि नशाखोरी से जुड़े सामाजिक कलंक को करुणा और सहानुभूति से प्रतिस्थापित करना भी है। उनके अनुसार, यह दिन सरकारों, समुदायों, शिक्षकों और धार्मिक संगठनों को इस साझे मिशन में एकजुट होने का अवसर देता है।

जनभागीदारी के बिना सफलता संभव नहीं

संगमा ने स्पष्ट रूप से रेखांकित किया कि केवल जागरूकता फैलाना इस लड़ाई के लिए पर्याप्त नहीं होगा और ठोस, ज़मीनी कार्रवाई ज़रूरी है। उन्होंने कहा, "आम जनता की सक्रिय भागीदारी के बिना नशा मुक्ति अभियान सफल नहीं हो सकता। हम यहां न केवल हितधारकों के प्रयासों की सराहना करने आए हैं, बल्कि उनके सुझाव सुनने और इस सामूहिक मिशन को मजबूत करने के लिए भी आए हैं।"

सरकार रोकथाम, पुनर्वास और जागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय संगठनों एवं व्यक्तियों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है — और मुख्यमंत्री के अनुसार, इस आंदोलन की दीर्घकालिक सफलता इसी जनभागीदारी पर टिकी है।

इनपुट: IANS

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