बांग्लादेश में खसरे का कहर: अब तक करीब 1200 मौतें, विशेषज्ञ बोले- संकट अभी एक महीने और रहेगा
बांग्लादेश इस समय खसरे (मीजल्स) के एक अभूतपूर्व प्रकोप से जूझ रहा है, जहाँ अब तक संदिग्ध और पुष्ट मामलों को मिलाकर कुल 1,196 लोगों की मौत हो चुकी है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, अकेले…
बांग्लादेश इस समय खसरे (मीजल्स) के एक अभूतपूर्व प्रकोप से जूझ रहा है, जहाँ अब तक संदिग्ध और पुष्ट मामलों को मिलाकर कुल 1,196 लोगों की मौत हो चुकी है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, अकेले रविवार सुबह 8 बजे तक पिछले 24 घंटों में खसरे जैसे लक्षणों के कारण सात और बच्चों ने दम तोड़ दिया। जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि संक्रमण की मौजूदा लहर कम से कम एक महीने तक और जारी रह सकती है।
स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के आंकड़ों के मुताबिक, देश में अब तक खसरे के 2,13,244 संदिग्ध मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से 23,122 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। हालिया 24 घंटों में 1,254 नए संदिग्ध मामले और 65 पुष्ट मामले दर्ज किए गए। कुल मौतों में से 1,092 को संदिग्ध और 104 को खसरे से हुई मौतों के रूप में पुष्टि की गई है।
संकट की वजह और विशेषज्ञों की राय
जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस प्रकोप के लिए टीकाकरण कवरेज में पिछली कमियों और स्वास्थ्य प्रबंधन में खामियों को जिम्मेदार ठहराया है। 'द डेली स्टार' से बातचीत में विशेषज्ञ मुश्तुक हुसैन ने बताया कि टीकाकरण के बाद बच्चों में पर्याप्त इम्युनिटी विकसित होने में तीन से चार हफ्ते लगते हैं, इसलिए संक्रमण, अस्पताल में भर्ती होने और मौतों का सिलसिला अभी जारी रहेगा।
डीजीएचएस में रोग नियंत्रण के पूर्व निदेशक बेनजीर अहमद ने भी कहा कि भले ही अप्रैल में यूनिसेफ के जरिए वैक्सीन मंगवाना शुरू कर दिया गया था और टीकाकरण अभियान भी चला, लेकिन संक्रमण फैलने की रफ्तार को देखते हुए महामारी पर जल्द काबू पाना मुश्किल है।
अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट में चेतावनी
कनाडा स्थित 'ग्लोबल सेंटर फॉर डेमोक्रेटिक गवर्नेंस' (जीसीडीजी) ने अपनी एक रिपोर्ट में इस प्रकोप को बांग्लादेश के हालिया इतिहास के सबसे गंभीर जनस्वास्थ्य संकटों में से एक बताया है। 'प्रिवेंटेबल ट्रैजेडी: बांग्लादेश का 2026 खसरा प्रकोप' शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में कहा गया है कि यह संकट अप्रत्याशित नहीं था। इसके लिए 2024-25 में मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली तत्कालीन अंतरिम सरकार के दौरान वैक्सीन आपूर्ति में रुकावट, नियमित टीकाकरण का छूटना, और वैक्सीन खरीद में प्रशासनिक देरी जैसे कई कारणों को जिम्मेदार बताया गया है।
आंकड़ों के अनुसार, 15 मार्च से अब तक खसरे के 189,484 संदिग्ध मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से 181,756 लोग ठीक होकर घर लौट चुके हैं।
इनपुट: IANS



