मणिपुर: 6 नागा नागरिकों की हत्या के मामले में 2 गिरफ़्तार, मुख्यमंत्री ने न्याय का भरोसा दिया
मणिपुर के कांगपोकपी ज़िले में दो महीने पहले हुई छह नागा नागरिकों की अपहरण और हत्या की घटना में राज्य सरकार ने न्याय सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्यमंत
मणिपुर के कांगपोकपी ज़िले में दो महीने पहले हुई छह नागा नागरिकों की अपहरण और हत्या की घटना में राज्य सरकार ने न्याय सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने शनिवार को बताया कि इस मामले में दो संदिग्धों को गिरफ़्तार किया जा चुका है और बाकी आरोपियों की भी जल्द गिरफ़्तारी के लिए निर्देश दिए गए हैं।
यह घटना 13 मई को लेइलोन वाइफेई गांव में हुई थी, जहाँ संदिग्ध कुकी उग्रवादियों ने पहले घात लगाकर तीन पादरियों की हत्या कर दी थी। इसके बाद करीब 18 लोगों को बंधक बना लिया गया था। इनमें से 12 लोगों को बाद में रिहा कर दिया गया, लेकिन छह लोगों का अपहरण कर लिया गया, जिनके शव बाद में बरामद हुए।
जांच और गिरफ़्तारी
मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने बताया कि उन्होंने मैतेई और नागा विधायकों के साथ माखन गांव जाकर शोक संतप्त परिवारों से मुलाक़ात की थी। इस दौरान पीड़ित परिवारों ने घटना में कथित तौर पर शामिल पांच लोगों की पहचान की थी। उन्होंने कहा, "पीड़ितों के परिवारों द्वारा दिए गए नामों के आधार पर दो संदिग्धों को पहले ही गिरफ़्तार कर लिया गया है।"
बाकी संदिग्धों की गिरफ़्तारी के सवाल पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह राज्य सरकार और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की ज़िम्मेदारी है। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), सीआरपीएफ और मणिपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को एक दंपति को इस मामले में गिरफ़्तार किया है।
एनआईए को सौंपी गई जांच
इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए, मुख्यमंत्री पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि छह नागा ग्रामीणों के अपहरण व हत्या के साथ-साथ तीन चर्च नेताओं की हत्या से जुड़े मामलों को व्यापक जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दिया गया है। मुख्यमंत्री ने यह जानकारी इंफाल पश्चिम ज़िले में 'उनिंगथौ उयोक' नामक वृक्षारोपण अभियान के शुभारंभ के अवसर पर मीडिया से बात करते हुए दी।
इनपुट: IANS



