कर्नाटक: कैबिनेट विस्तार पर आज दिल्ली में अंतिम फैसला संभव, नए मंत्रियों का शपथ-ग्रहण कल हो सकता है
कर्नाटक में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की सरकार के कैबिनेट विस्तार पर चल रहा लंबा इंतजार अब खत्म होने की कगार पर है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस आलाकमान आज (बुधवार) दिल्ली में…
कर्नाटक में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की सरकार के कैबिनेट विस्तार पर चल रहा लंबा इंतजार अब खत्म होने की कगार पर है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस आलाकमान आज (बुधवार) दिल्ली में होने वाली एक महत्वपूर्ण बैठक में मंत्रियों के बचे हुए नामों पर अंतिम मुहर लगा सकता है। अगर सब कुछ योजना के अनुसार हुआ, तो नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह गुरुवार, 30 जुलाई को आयोजित किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, जिन्होंने 3 जून को पदभार संभाला था, अब तक एक अधूरे मंत्रिमंडल के साथ ही सरकार चला रहे हैं। विधायकों के बढ़ते दबाव और सरकार में क्षेत्रीय, जातीय व महिला प्रतिनिधित्व को संतुलित करने की मांग के बीच अब कैबिनेट विस्तार को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
दिल्ली में होगी निर्णायक बैठक
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की मौजूदगी में अंतिम दौर की चर्चा होगी, जिसमें बाकी बचे नामों पर फैसला लिया जाएगा। सरकारी सूत्रों ने यह भी बताया है कि शपथ ग्रहण समारोह के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और लोक भवन को आवश्यक इंतजाम करने के लिए मौखिक निर्देश दे दिए गए हैं। हालांकि, इस पर अंतिम निर्णय कांग्रेस नेतृत्व की मंजूरी के बाद ही होगा। मंगलवार को एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल की उपस्थिति में हुई बैठक में 14 मंत्री पदों पर सहमति बनने की खबर है, जबकि बाकी 6 नामों पर फैसला राहुल गांधी वरिष्ठ राज्य नेताओं से चर्चा के बाद करेंगे।
अनुभव और नए चेहरों के बीच संतुलन की कोशिश
मंत्रिमंडल के गठन को लेकर मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के बीच अलग-अलग विचार बताए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, शिवकुमार मंत्रिमंडल में करीब 75 प्रतिशत नए चेहरों और पहली बार के विधायकों को शामिल करना चाहते हैं। वहीं, कांग्रेस आलाकमान 60:40 के फॉर्मूले पर विचार कर रहा है, ताकि नए और अनुभवी नेताओं के बीच संतुलन बनाया जा सके। दूसरी तरफ, सिद्दारमैया कई वरिष्ठ नेताओं को मंत्रिमंडल में बनाए रखने के पक्ष में हैं।
जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधने पर जोर
आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट विस्तार में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि लिंगायत और अनुसूचित जनजाति समुदाय को प्रतिनिधित्व देने के लिए दो नए उपमुख्यमंत्री पद बनाने पर भी गंभीरता से विचार हो रहा है। वर्तमान में, अनुसूचित जाति समुदाय से आने वाले जी. परमेश्वर उपमुख्यमंत्री हैं। इसके अलावा, लक्ष्मी हेब्बालकर, रूपकला, आरती कृष्णा, नयना मोटम्मा और कनीज फातिमा समेत कई महिला विधायक भी मंत्री पद की दौड़ में सक्रिय हैं।
इनपुट: IANS



