मंगलवार, 30 जून 2026 · नई दिल्ली
महाराष्ट्र

महाराष्ट्र सरकार अवैध साहूकारी रोकने के लिए लाएगी सख्त कानून, मौजूदा प्रावधानों से कहीं कड़ी होगी सजा

अवैध साहूकारी की बढ़ती घटनाओं के बीच महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार को स्पष्ट किया कि राज्य में मौजूदा कानूनों को और कड़ा बनाया जाएगा — नए प्रावधानों में पहले से कहीं ज़्यादा सख्त सज़ा का इंतज़ाम होगा। IA

महाराष्ट्र सरकार अवैध साहूकारी रोकने के लिए लाएगी सख्त कानून, मौजूदा प्रावधानों से कहीं कड़ी होगी सजा
(फोटो: IANS)

अवैध साहूकारी की बढ़ती घटनाओं के बीच महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार को स्पष्ट किया कि राज्य में मौजूदा कानूनों को और कड़ा बनाया जाएगा — नए प्रावधानों में पहले से कहीं ज़्यादा सख्त सज़ा का इंतज़ाम होगा। IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल ने विधानसभा में यह ऐलान प्रश्नकाल के दौरान उठे एक सवाल के जवाब में किया।

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विधानसभा में उठा मुद्दा, मंत्री ने दिए आंकड़े

अमरावती जिले में साहूकारों से लिए जाने वाले कर्ज़ के सवाल से यह बहस शुरू हुई, जिसे सदस्य सुलभ खोडके ने उठाया। इस पर मंत्री पाटिल ने बताया कि 2022 से अब तक राज्य में साहूकारों द्वारा दिए गए लोन में 400 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालाँकि इसी अवधि में औपचारिक बैंकिंग क्षेत्र ने 12,415 करोड़ रुपये के ऋण भी वितरित किए हैं। मंत्री ने इन आँकड़ों का हवाला देते हुए कहा, "यह कहना गलत है कि बैंक लोन देने से इनकार कर रहे हैं।"

अवैध साहूकारी को लेकर राज्य को अब तक 343 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें से 266 मामलों की जाँच में सच्चाई पाई गई, जबकि 34 मामलों में अवैध साहूकारी की सीधी पुष्टि हुई। मंत्री ने बताया, "सभी 34 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई हैं और 48 आरोपियों के खिलाफ मामला दायर किया गया है।"

विपक्ष के तीखे सवाल — किसान और बैंक कर्ज़

बहस में कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार, नाना पटोले, कैलाश पाटिल, हरीश पिंपल और हेमंत ओगले समेत कई सदस्यों ने हिस्सा लिया। विपक्ष का आरोप था कि किसान औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से कर्ज़ न मिलने की वजह से मजबूरन साहूकारों के पास जा रहे हैं।

सदस्य हरीश पिंपल ने ध्यान दिलाया कि अवैध लोन अक्सर सादे कागज़ की पर्चियों पर दिए जाते हैं और उन्होंने ऐसी शिकायतों के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन बनाने की माँग रखी। वहीं नाना पटोले ने कहा कि जिला शिकायत निवारण समितियाँ निष्क्रिय पड़ जाने के कारण अवैध साहूकारी को पनपने का मौका मिला है।

रोशन कुले मामले पर घिरी सरकार

बहस का सबसे तीखा मोड़ तब आया जब विजय वडेट्टीवार ने चंद्रपुर जिले के हाई-प्रोफाइल रोशन कुले साहूकारी मामले पर सरकार को घेरा। यह मामला गैर-कानूनी सूदखोरी और अंगों की तस्करी करने वाले अंतरराष्ट्रीय रैकेट के बीच के खतरनाक गठजोड़ को उजागर करता है। वडेट्टीवार ने सवाल उठाया, "साहूकार दिवाकर निकुरे ने किसानों की जमीनें हड़प लीं और लगभग 130 चेक जारी किए, जो सभी बाउंस हो गए। उसके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई? इतने बड़े पैमाने पर लोगों के साथ धोखाधड़ी करने के बावजूद वह अभी भी आजाद क्यों घूम रहा है?"

मंत्री पाटिल ने इस पर सदन को आश्वस्त किया कि रोशन कुले मामले में संलिप्त व्यक्ति की गहन जाँच की जाएगी और उचित कार्रवाई सुनिश्चित होगी।

किसानों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: मंत्री

मंत्री पाटिल ने सदन को भरोसा दिलाया कि लाइसेंस-प्राप्त व्यवस्था के बाहर अवैध साहूकारी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार उन किसानों को औपचारिक कर्ज़ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है जिन्हें ऋण पाने में कठिनाई होती है। किसानों के हित में आसान ऋण उपलब्धता, गैर-कानूनी साहूकारी पर कड़ा नियंत्रण और शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई — इन तीनों को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया गया।

इनपुट: IANS

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