मंगलुरु लावण्या हत्याकांड: सांप्रदायिक पोस्ट पर पुलिस सख्त, कई सोशल मीडिया यूजर्स पर केस दर्ज
कर्नाटक के मंगलुरु में 21 वर्षीय लावण्या की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक और भड़काऊ पोस्ट साझा करने वालों के खिलाफ पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक…
कर्नाटक के मंगलुरु में 21 वर्षीय लावण्या की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक और भड़काऊ पोस्ट साझा करने वालों के खिलाफ पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, बंटवाल शहर में हुई इस घटना को गलत रंग देकर सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश के आरोप में कई लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि आरोपी चेतन की एडिट की हुई तस्वीरें ऑनलाइन फैलाई गईं और उसे अलग-अलग समूहों से जोड़ा गया। कुछ पोस्ट में उसे गलत तरीके से हिंदू एक्टिविस्ट, बजरंग दल का सदस्य या कांग्रेस कार्यकर्ता बताया गया। अधिकारियों के अनुसार, इन पोस्ट्स का उद्देश्य सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील मंगलुरु क्षेत्र में तनाव पैदा करना था।
इन अकाउंट्स पर हुई कार्रवाई
बंटवाल पुलिस ने जिन सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ केस दर्ज किया है, उनमें 'ट्रोल मास्टर', 'उदैफ अनाक्कल', 'हिबा फातिमा', 'पद्मराज', 'आलिया अलीफा', 'शैलजा अमरनाथ', 'चेतन बेलचाडा', 'हर्ष के. शेट्टी' और 'किरण आराध्या' शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इलाके में किसी भी तरह के सांप्रदायिक तनाव को रोकने के लिए वे कोई जोखिम नहीं ले सकते और ऐसे मामलों में कार्रवाई कई सालों से जारी है।
क्या है लावण्या हत्याकांड?
यह मामला काक्यापाडावु की रहने वाली लावण्या की दिनदहाड़े हुई हत्या से जुड़ा है। लावण्या कल्लाडका के एक निजी नर्सिंग होम में काम करती थीं। गुरुवार को बंटवाल केएसआरटीसी बस स्टैंड पर 22 वर्षीय चेतन नाम के युवक ने चाकू से हमला कर उनकी हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि लावण्या द्वारा युवक के प्रस्ताव को ठुकराए जाने के बाद वह उसका पीछा कर रहा था। घटना के दिन जब लावण्या बस से घर लौट रही थीं, तो चेतन उनके बगल में बैठ गया। बस स्टैंड पर उतरने के बाद उसने लावण्या का पीछा किया और बैग में छिपाए बड़े चाकू से उन पर कई वार किए। इस हमले में लावण्या की मौके पर ही मौत हो गई। हमले की घटना सीसीटीवी और एक राहगीर के मोबाइल में भी रिकॉर्ड हो गई थी।
पुलिस आरोपी के किसी हिंदू संगठन से कथित जुड़ाव की खबरों की भी जांच कर रही है, हालांकि इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इस घटना ने मंगलुरु में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।
इनपुट: IANS



