पश्चिम बंगाल: अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दोहरी मुसीबत, भ्रष्टाचार और धमकी के आरोपों में BJP ने दर्ज कराई शिकायतें
तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मोर्चा खोल दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण 24 परगना जिले में भाजपा नेताओं ने…
तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मोर्चा खोल दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण 24 परगना जिले में भाजपा नेताओं ने बनर्जी के खिलाफ दो अलग-अलग थानों में शिकायतें दर्ज कराई हैं, जिनमें चक्रवात अम्फान राहत कोष में भ्रष्टाचार और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
अम्फान राहत कोष में करोड़ों के गबन का आरोप
पहली शिकायत भाजपा नेता अभिजीत दास (बॉबी) ने नोदाखाली पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई है। इसमें आरोप लगाया गया है कि साल 2020 में आए चक्रवात अम्फान के बाद पीड़ितों के लिए आए मुआवजे के वितरण में भारी भ्रष्टाचार हुआ। शिकायत के मुताबिक, बज बज-दो ब्लॉक में फर्जी दस्तावेजों के सहारे करीब 30 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई।
भाजपा नेता ने दावा किया कि केंद्र सरकार द्वारा भेजी गई राहत राशि का बड़ा हिस्सा असली लाभार्थियों तक पहुंचा ही नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ही मोबाइल नंबर या पते का इस्तेमाल कर अलग-अलग नामों से आवेदन किए गए और उन्हीं के आधार पर पैसे बांट दिए गए। अभिजीत दास ने सीधे तौर पर अभिषेक बनर्जी पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह सारी रकम बनर्जी की सिफारिश पर ही फर्जी खातों में ट्रांसफर की गई थी। उन्होंने इस मामले में कुल 250 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का दावा किया है। इस शिकायत में तत्कालीन बीडीओ और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं।
'सरकार बदली तो एक भी BJP दफ्तर नहीं बचेगा'
वहीं, दूसरी शिकायत बिष्णुपुर पुलिस स्टेशन में भाजपा नेता अभिजीत सरदार ने दर्ज कराई है। सरदार 2026 के विधानसभा चुनाव में बिष्णुपुर से भाजपा के उम्मीदवार थे। यह शिकायत अभिषेक बनर्जी द्वारा शनिवार को दी गई एक कथित धमकी के बाद की गई है।
जानकारी के मुताबिक, डायमंड हार्बर के सांसद बनर्जी अपने एक पार्टी कार्यालय को गिराए जाने पर बोल रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन के साथ-साथ भाजपा नेता भी उनके दफ्तर के पीछे पड़े थे। इसी दौरान उन्होंने कथित तौर पर धमकी भरे लहजे में कहा, “जिस कानून और धारा के तहत आज तृणमूल का पार्टी दफ्तर गिराया जा रहा है, जब राज्य में सरकार बदलेगी, तो उसी कानून के तहत पश्चिम बंगाल में एक भी भाजपा पार्टी कार्यालय नहीं बचेगा।” इसी बयान को आधार बनाकर उनके खिलाफ धमकी देने की शिकायत दर्ज हुई है।
इनपुट: IANS



