गुरूवार, 13 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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आंध्र प्रदेश: 'कुम्की' हाथियों की मदद से जंगली हाथियों से होने वाली मौतों में 70% की कमी- पवन कल्याण

आंध्र प्रदेश में जंगली हाथियों और इंसानों के बीच टकराव को कम करने की दिशा में एक बड़ी कामयाबी मिली है। राज्य सरकार द्वारा तैनात किए गए विशेष रूप से प्रशिक्षित 'कुम्की' हाथियों की मदद से जंगलों के…

आंध्र प्रदेश: 'कुम्की' हाथियों की मदद से जंगली हाथियों से होने वाली मौतों में 70% की कमी- पवन कल्याण
(फोटो: IANS)

आंध्र प्रदेश में जंगली हाथियों और इंसानों के बीच टकराव को कम करने की दिशा में एक बड़ी कामयाबी मिली है। राज्य सरकार द्वारा तैनात किए गए विशेष रूप से प्रशिक्षित 'कुम्की' हाथियों की मदद से जंगलों के आस-पास के इलाकों में इंसानी मौतों में 70 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह जानकारी राज्य के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने विशाखापत्तनम में आयोजित 'विश्व हाथी दिवस' के एक कार्यक्रम में दी।

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उन्होंने बताया कि इस पहल से न सिर्फ लोगों की जान बची है, बल्कि फसलों को होने वाले नुकसान में भी कमी आई है। पवन कल्याण, जो पर्यावरण एवं वन मंत्री भी हैं, ने कहा कि चित्तूर जिले के पलमनेर और पार्वतीपुरम मन्यम जिले जैसे इलाकों में 132 से 142 हाथियों के झुंड अक्सर फसलों को बर्बाद कर देते थे और लोगों में दहशत फैला देते थे।

कर्नाटक से मिली मदद, अब आंध्र खुद कर रहा तैयार

इस समस्या से निपटने के लिए कर्नाटक सरकार की मदद से चार 'कुम्की' हाथी लाए गए थे। ये हाथी उपद्रवी जंगली हाथियों को काबू करने में माहिर होते हैं और अब तक 15 अभियानों में अपनी भूमिका निभा चुके हैं। पवन कल्याण ने इस सहयोग के लिए कर्नाटक सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा, "यह सिर्फ दो राज्यों के बीच सहयोग नहीं है, बल्कि लोगों, प्रकृति और वन्यजीवों की भलाई के लिए एक साझा प्रयास है।"

अब आंध्र प्रदेश सरकार अपने खुद के 'कुम्की' हाथियों को प्रशिक्षित करने का काम भी शुरू कर चुकी है। इसी कड़ी में 'जयंत' नाम का एक प्रशिक्षित हाथी पार्वतीपुरम मन्यम इलाके में तैनात किया जा चुका है। राज्य की योजना हर साल दो और हाथियों को इस विशेष काम के लिए प्रशिक्षित करने की है।

संरक्षण के लिए केंद्र और राज्य के प्रयास

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हाथी पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं और केंद्र सरकार भी उनके संरक्षण को प्राथमिकता देती है। उन्होंने बताया कि 2014 से देश में हाथी संरक्षण केंद्रों की संख्या 26 से बढ़कर 33 हो गई है।

इसके अलावा, आंध्र प्रदेश में 'हनुमान' प्रोजेक्ट भी चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य वन्यजीवों की सुरक्षा और इंसानों के साथ उनके टकराव को रोकना है। मार्च 2026 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट के तहत 93 रिस्पॉन्स गाड़ियां और 7 वाइल्डलाइफ एम्बुलेंस तैनात की गई हैं। पवन कल्याण ने बताया कि इस पहल के जरिए अब तक 200 से ज्यादा जंगली जानवरों को बचाया जा चुका है। उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य ऐसा माहौल बनाना है जहां जंगल के पास रहने वाले किसान बिना किसी डर के खेती कर सकें।"

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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