कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़: 19 मौतों की जांच के लिए न्यायिक समिति गठित, 3 महीने में देगी रिपोर्ट
कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में 17 अक्टूबर की रात हुई भगदड़ की जांच के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने एक न्यायिक जांच समिति का गठन कर दिया है। इस दुखद हादसे में 19 लोगों की जान चली गई…
कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में 17 अक्टूबर की रात हुई भगदड़ की जांच के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने एक न्यायिक जांच समिति का गठन कर दिया है। इस दुखद हादसे में 19 लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद सरकार पर जांच को लेकर काफी दबाव था। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किया गया।
राज्य के मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि यह समिति तीन महीने के भीतर अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी। रिपोर्ट में घटना के निष्कर्षों और भविष्य के लिए सिफारिशों का भी उल्लेख होगा।
जांच समिति की संरचना और अधिकार
इस छह सदस्यीय न्यायिक जांच समिति की अध्यक्षता कलकत्ता उच्च न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश, न्यायमूर्ति अनिंदिता रॉय सरस्वती करेंगी। समिति के अन्य सदस्यों में राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव, राज्य पुलिस के स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के महानिदेशक, और राज्य पुलिस के एक अतिरिक्त महानिदेशक रैंक के अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा, गृह एवं पर्वतीय मामलों के विभाग के एक संयुक्त सचिव स्तर के प्रतिनिधि और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के कोलकाता स्थित एक प्रतिनिधि भी इस पैनल का हिस्सा होंगे।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जांच समिति को सभी संबंधित विभागों, प्राधिकरणों और एजेंसियों से पूरा सहयोग मिलेगा। समिति को जांच के लिए आवश्यक सभी रिकॉर्ड, सूचना और सहायता मुहैया कराई जाएगी। पैनल अपने कामकाज के लिए आवश्यकतानुसार किसी अन्य अधिकारी को भी नियुक्त करने का अनुरोध कर सकता है।
मुख्यमंत्री की पहली पसंद थे सेवारत न्यायाधीश
गौरतलब है कि इस घटना के तुरंत बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इच्छा जताई थी कि जांच पैनल का नेतृत्व कलकत्ता उच्च न्यायालय के किसी सेवारत न्यायाधीश द्वारा किया जाना चाहिए। इस सिलसिले में मुख्य सचिव के कार्यालय से कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रवींद्र विठ्ठलराव घुगे को एक अनुरोध पत्र भी भेजा गया था। हालांकि, अब गठित समिति की अध्यक्षता एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश कर रही हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
इनपुट: IANS



