केरल: बाढ़ की मार के बाद अब फिर भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की चेतावनी
केरल में हाल ही में आई बाढ़ की तबाही से हुए नुकसान का आकलन अभी चल ही रहा है, और अब राज्य पर एक बार फिर भारी बारिश का खतरा मंडरा रहा है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने…
केरल में हाल ही में आई बाढ़ की तबाही से हुए नुकसान का आकलन अभी चल ही रहा है, और अब राज्य पर एक बार फिर भारी बारिश का खतरा मंडरा रहा है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की चेतावनी जारी की है, जिससे लोगों और प्रशासन की चिंताएं बढ़ गई हैं।
पिछली बाढ़ में राज्य में 23 लोगों की जान चली गई थी और तीन मछुआरे अब भी लापता हैं। हजारों लोग अभी भी डूबे हुए घरों, टूटी सड़कों और बर्बाद हो चुकी आजीविका की समस्याओं से जूझ रहे हैं। हाल की बारिश में 9,000 हेक्टेयर से ज्यादा की फसलें भी नष्ट हो गईं, जिससे आर्थिक नुकसान और गहरा गया है।
मौसम विभाग ने क्यों जारी किया अलर्ट?
IMD के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास एक कम दबाव का क्षेत्र बना है, जिसके और मजबूत होने की संभावना है। इसके साथ ही, मध्य प्रदेश के ऊपर भी एक और कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। इन दोनों मौसमी सिस्टम के मिले-जुले प्रभाव के कारण केरल में और अधिक बारिश होने की आशंका है। शुरुआत में पहाड़ी इलाकों में बारिश की उम्मीद है, जिसके बाद गुरुवार से यह राज्य के अन्य हिस्सों में भी फैल सकती है।
इन जिलों के लिए 'येलो अलर्ट'
मौसम विभाग ने कुछ जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' भी जारी किया है, जिसका अर्थ है 24 घंटे में 64.5 मिमी से 115.5 मिमी के बीच बारिश होना। गुरुवार के लिए कन्नूर और कासरगोड, जबकि शुक्रवार के लिए पथानामथिट्टा, कोट्टायम और इडुक्की में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इस नई चेतावनी के बाद प्रशासन को उन इलाकों में खास सतर्कता बरतने की जरूरत होगी, जहां हाल ही में नदियों और बांधों का जलस्तर तेजी से बढ़ा था।
समुद्र में ऊंची लहरों का भी खतरा
बारिश के अलावा, नेशनल सेंटर फॉर कोस्टल रिसर्च ने 'कल्लाक्कडल' घटना के कारण केरल के तटीय इलाकों में ऊंची लहरें उठने की भी चेतावनी दी है। 13 अगस्त की सुबह 2.30 बजे तक तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, अलाप्पुझा, एर्नाकुलम और त्रिशूर के तटों पर 1 से 1.6 मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं। मछुआरों और तटीय निवासियों को बेहद सावधानी बरतने की सलाह दी गई है और चेतावनी हटने तक समुद्र तट से जुड़ी गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है।
इनपुट: IANS



