रविवार, 18 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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केन्या में इबोला का तीसरा मामला सामने आया, सरकार ने रोकथाम के प्रयास तेज किए

केन्या में इबोला के कुल मामलों की संख्या तीन हो गई है, जिसके बाद सरकार ने संक्रमण को रोकने के लिए अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को सामने आया तीसरा…

केन्या में इबोला का तीसरा मामला सामने आया, सरकार ने रोकथाम के प्रयास तेज किए
(फोटो: IANS)

केन्या में इबोला के कुल मामलों की संख्या तीन हो गई है, जिसके बाद सरकार ने संक्रमण को रोकने के लिए अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को सामने आया तीसरा मामला 65 वर्षीय एक महिला का है, जो पहले दो संक्रमितों की करीबी रिश्तेदार थीं।

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स्वास्थ्य मंत्रालय के महानिदेशक पैट्रिक एमोथ ने बताया कि महिला 6 अक्टूबर से ही क्वारंटीन में थीं और उनमें बुखार, गले में खराश और अस्वस्थता जैसे लक्षण विकसित हुए थे। एमोथ ने कहा, "क्वारंटीन में रहने की वजह से बीमारी का जल्दी पता चल गया और उन्हें अभी जरूरी देखभाल दी जा रही है। इससे उनके ठीक होने की संभावना बढ़ गई है और बीमारी के आगे फैलने का खतरा भी कम हो गया है।"

संपर्क ट्रेसिंग और निगरानी

संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग अभियान चलाया है। अब तक संक्रमितों के संपर्क में आए 130 लोगों की पहचान की गई, जिनमें से 127 लोगों को सफलतापूर्वक ढूंढकर क्वारंटीन कर दिया गया है। यह 97.7 प्रतिशत की सफलता दर है, जो 85 प्रतिशत के वैश्विक मानक से काफी अधिक है। शेष तीन लोगों की तलाश जारी है।

अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल देश में सामुदायिक प्रसारण (कम्युनिटी ट्रांसमिशन) का कोई सबूत नहीं मिला है, जिससे खतरा कम बना हुआ है। हवाई अड्डों और सीमा चौकियों पर भी स्क्रीनिंग बढ़ा दी गई है।

कानूनी उपाय और वैश्विक सूचना

इससे पहले, 12 अक्टूबर को केन्या सरकार ने 'पब्लिक हेल्थ एक्ट' के तहत इबोला को एक गंभीर महामारी घोषित किया था। इसके साथ ही स्क्रीनिंग, आइसोलेशन, क्वारंटीन और संदिग्ध मामलों के प्रबंधन से जुड़े नए नियम लागू किए गए। देश ने 'अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियम (2005)' के तहत अपना पहला मामला सामने आने पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) को सूचित कर दिया था।

केन्या अब कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC), युगांडा और फ्रांस के बाद दुनिया का चौथा देश बन गया है, जहाँ इबोला वायरस की पुष्टि हुई है। WHO के अनुसार, 'बुंडीबुग्यो इबोला' के लिए फिलहाल कोई अधिकृत वैक्सीन या विशेष इलाज उपलब्ध नहीं है।

इनपुट: IANS

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