वाल्मीकि कॉर्पोरेशन घोटाला: कुमारस्वामी का सवाल - 'शर्मिंदगी से बचाने के लिए नागेंद्र का इस्तीफा?'
केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कर्नाटक के वाल्मीकि कॉर्पोरेशन घोटाले को लेकर राज्य की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि मंत्री बी. नागेंद्र का इस्तीफा सरकार को…
केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कर्नाटक के वाल्मीकि कॉर्पोरेशन घोटाले को लेकर राज्य की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि मंत्री बी. नागेंद्र का इस्तीफा सरकार को शर्मिंदगी से बचाने के लिए एक रणनीति थी, न कि नैतिकता का कदम। कुमारस्वामी ने यह प्रतिक्रिया नागेंद्र के उस बयान पर दी जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने पार्टी को शर्मिंदगी से बचाने के लिए पद छोड़ा है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, कुमारस्वामी ने सवाल उठाया, "यह शर्मिंदगी किस वजह से हुई? उन्हें इस्तीफा देने के लिए क्यों मजबूर किया गया? 84 करोड़ रुपए का घोटाला क्या था? क्या इस घोटाले से बचने के लिए नागेंद्र से इस्तीफा दिलवाया गया?" उन्होंने कहा कि असली मुद्दा यह नहीं है कि कौन जीता या किसे प्रचार मिला, बल्कि यह है कि आदिवासी समुदायों के कल्याण के लिए आए पैसे का गबन कर व्यक्तियों में बांट दिया गया।
अपने ऊपर लगे मामलों पर कुमारस्वामी की सफाई
बी. नागेंद्र के इस सवाल पर कि क्या केंद्रीय मंत्री पर भी मामले दर्ज हैं, एच.डी. कुमारस्वामी ने पलटवार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ मामले राजनीतिक प्रकृति के हैं और उन पर सरकारी धन के गबन का कोई आरोप नहीं है। उन्होंने कहा, "ये आरोप पिछले 14 सालों से चल रहे हैं। उन्होंने मामलों को जिंदा रखा है, लेकिन वे एचडी कुमारस्वामी को चुप नहीं करा सकते। क्या मुझ पर पैसे लेने का कोई आरोप है?"
कुमारस्वामी ने आगे कहा कि दो बार मुख्यमंत्री रहने के बावजूद उन्होंने अपने खिलाफ मामलों को दबाने या बंद करने का प्रयास नहीं किया। उन्होंने कहा, "अगर मैंने कुछ गलत किया होता, तो दो बार मुख्यमंत्री बनने पर मामलों को दफना सकता था। मैंने ऐसा नहीं किया। मैंने उन्हें जांच के लिए खुला छोड़ दिया है।"
राज्यपाल ने मांगी कैबिनेट की राय
इस बीच, यह मामला अब राजभवन तक पहुंच गया है। कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद गहलोत ने बी. नागेंद्र के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी को लेकर राज्य कैबिनेट से राय मांगी है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, राज्यपाल ने दो अन्य मामलों में पूर्व मंत्री रेणुकाचार्य और भाजपा विधायक गली जनार्दन रेड्डी के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी पर भी सरकार की राय मांगी है, जिससे सरकार इस मुद्दे पर मुश्किल स्थिति में है।
इनपुट: IANS



