कर्नाटक: किसान कर्ज माफी पर सियासत, भाजपा ने शिवकुमार सरकार को चुनावी वादों की दिलाई याद
कर्नाटक में किसान कर्ज माफी का मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पर आरोप लगाया है कि वे अपनी ज़िम्मेदारी से बचते हुए इसका भार…
कर्नाटक में किसान कर्ज माफी का मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पर आरोप लगाया है कि वे अपनी ज़िम्मेदारी से बचते हुए इसका भार केंद्र सरकार पर डाल रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोका ने इस मामले पर शनिवार को मुख्यमंत्री की तीखी आलोचना की।
भाजपा नेता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "जब किसान कर्ज माफी मांग रहे हैं तो केंद्र की तरफ उंगली उठाना कैसा शासन है?" उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को केंद्र पर निर्भर रहने के बजाय खुद पहल करते हुए किसानों का कर्ज माफ करना चाहिए। अशोका ने इस बात पर जोर दिया कि पहले भी राज्य सरकारों ने, जिनमें कांग्रेस की अपनी सरकारें भी शामिल थीं, ज़रूरत पड़ने पर किसानों की मदद के लिए कर्ज माफ किए थे।
चुनावी वादों पर सवाल
आर. अशोका ने कांग्रेस सरकार को उसके 2023 के विधानसभा चुनाव घोषणापत्र में किए गए वादों की भी याद दिलाई। उन्होंने 1.50 लाख करोड़ रुपए के 'कृषि सर्वोदय निधि' और 5,000 करोड़ रुपए के स्थायी प्राकृतिक आपदा कोष के वादों पर सवाल उठाया। इसके अलावा, उन्होंने 3 लाख से 10 लाख रुपए तक के ब्याज-मुक्त कृषि ऋण देने के वादे पर भी सरकार को घेरा। अशोका ने आरोप लगाया, "चुनाव से पहले आपने अपने वादों से किसानों को हवा में महल दिखाए। सत्ता में आने के बाद आपने राज्य का खजाना खाली कर दिया और अब कह रहे हैं कि केंद्र को करना चाहिए। यह गैर-जिम्मेदारी की पराकाष्ठा है।"
हवाई सर्वेक्षण की आलोचना
मुख्यमंत्री शिवकुमार द्वारा सूखा प्रभावित क्षेत्रों के हवाई सर्वेक्षण पर भी विपक्ष के नेता ने निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि क्या किसानों की परेशानी को हेलीकॉप्टर से समझा जा सकता है। अशोका ने कहा, "बाढ़ के दौरान हवाई सर्वे उचित है, लेकिन सूखे और दरार पड़े खेतों का हवाई सर्वे करने की क्या जरूरत है।" उन्होंने मुख्यमंत्री पर किसानों के सवालों से बचने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें खेतों में जाकर सीधे किसानों से बात करनी चाहिए।
भाजपा नेता ने यह भी कहा कि बल्लारी, विजयनगर और बागलकोट के किसानों को 'पब्लिसिटी फोटो शूट' की नहीं, बल्कि तत्काल राहत की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि हेलीकॉप्टर के किराए पर खर्च हुआ पैसा प्रभावित किसान परिवारों को राहत देने के काम आ सकता था।
इनपुट: IANS



