रविवार, 18 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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चामराजनगर में तीन शिकारियों की मौत: विधानसभा में भाजपा का हंगामा, सरकार पर 'एनकाउंटर के नाम पर हत्या' का आरोप

कर्नाटक विधानसभा में सोमवार को चामराजनगर रिजर्व फॉरेस्ट में तीन कथित शिकारियों की मौत का मुद्दा गरमा गया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस घटना को 'एनकाउंटर के नाम पर हत्या' करार देते हुए सदन में…

चामराजनगर में तीन शिकारियों की मौत: विधानसभा में भाजपा का हंगामा, सरकार पर 'एनकाउंटर के नाम पर हत्या' का आरोप
(फोटो: IANS)

कर्नाटक विधानसभा में सोमवार को चामराजनगर रिजर्व फॉरेस्ट में तीन कथित शिकारियों की मौत का मुद्दा गरमा गया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस घटना को 'एनकाउंटर के नाम पर हत्या' करार देते हुए सदन में जमकर हंगामा किया और सरकार से तत्काल बयान देने की मांग की। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह घटना 15 अगस्त को कावेरी वाइल्डलाइफ सेंचुरी के शंघ्या वन क्षेत्र में हुई थी, जहां वन कर्मियों ने अवैध शिकार विरोधी अभियान के दौरान तीन लोगों को गोली मार दी थी।

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वन अधिकारियों के मुताबिक, मारे गए लोग आदतन अपराधी थे जो संरक्षित क्षेत्र में अवैध रूप से घुसे थे। अधिकारियों ने दावा किया कि उन्होंने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जब शिकारियों ने उन पर गोली चलाने का प्रयास किया। घटनास्थल से एक देसी बंदूक और हिरण का मांस भी जब्त किया गया है। इस घटना के बाद से स्थानीय स्तर पर भारी विरोध हो रहा है, वन कर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है और न्यायिक जांच की मांग भी उठाई जा रही है।

विधानसभा में विपक्ष का तीखा विरोध

सदन में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा, "इस घटना ने राज्य को झकझोर कर रख दिया है।" उन्होंने दावा किया कि किसानों और मारे गए लोगों के परिवारों ने ऑपरेशन से जुड़े हालात पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अशोक ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया का हवाला देते हुए कहा, "तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने कहा है कि कर्नाटक में सुरक्षा और न्याय मिलना चाहिए। कर्नाटक में लाखों तमिल भाषी लोग रहते हैं।"

भाजपा के वरिष्ठ विधायक वी. सुनील कुमार ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि घटना के 24 घंटे बीत जाने के बावजूद सरकार ने स्वतः संज्ञान लेकर बयान नहीं दिया। उन्होंने सवाल किया, "तीन लोगों की मौत हो चुकी है और सरकार बयान नहीं देना चाहती। यह कैसे हो सकता है?" कुमार ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और वन मंत्री रामलिंगा रेड्डी से तत्काल बयान की मांग की।

सरकार का पक्ष और आश्वासन

विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने कहा कि सरकार किसी भी मुद्दे से भाग नहीं रही है और सदन में बयान देगी। उन्होंने कहा, "सरकार के भागने जैसी कोई बात नहीं है। हम बयान देंगे। कोई समस्या नहीं है। आप नोटिस दें।" वहीं, स्पीकर जीएस पाटिल ने सदन को सूचित किया कि वन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने उनसे सुबह बात की थी और प्रश्न काल के बाद बयान देने की जानकारी दी थी। इसके बावजूद भाजपा सदस्य तत्काल बयान की मांग पर अड़े रहे और सदन में विरोध-प्रदर्शन किया।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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