पुंछ में आतंकी गतिविधियों पर सुरक्षा बलों की पैनी नज़र, DGP नलिन प्रभात ने की समीक्षा
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में हालिया घुसपैठ की कोशिशों और आतंकी गतिविधियों के बाद सुरक्षा व्यवस्था की नए सिरे से समीक्षा की जा रही है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इसी सिलसिले में सोमवार को पुलिस…
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में हालिया घुसपैठ की कोशिशों और आतंकी गतिविधियों के बाद सुरक्षा व्यवस्था की नए सिरे से समीक्षा की जा रही है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इसी सिलसिले में सोमवार को पुलिस महानिदेशक (DGP) नलिन प्रभात ने जिले का दौरा किया और चल रहे आतंकवाद-विरोधी अभियानों का जायजा लिया। उनके साथ जम्मू जोन के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) तेजिंदर सिंह भी मौजूद थे।
एक अधिकारी ने बताया कि इस दौरे का मुख्य उद्देश्य पीर पंजाल इलाके में पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों की सक्रियता को देखते हुए जमीनी हालात का जायजा लेना था। उन्होंने कहा, "डीजीपी को ताजा घटनाक्रम, ऑपरेशन की तैयारी और जमीन पर अलग-अलग सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल के बारे में जानकारी दी गई।"
खुफिया जानकारी और बड़े अभियान
सुरक्षा बल तकनीकी खुफिया जानकारी और स्थानीय लोगों से मिले इनपुट के आधार पर लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। विशेषकर पीर पंजाल सुरंग जैसे महत्वपूर्ण ठिकानों के पास संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इसी के तहत धारा सांगला, भाटादुरियन और खेरोवाली ढोक जैसे दूरदराज के जंगली इलाकों में बड़े पैमाने पर घेराबंदी और तलाशी अभियान (CASO) जारी हैं।
सितंबर की शुरुआत में, सीमा पर तैनात सैनिकों ने मेंढर के बालाकोट सेक्टर में डब्बी गांव के पास नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार करने की कोशिश कर रहे आतंकवादियों के एक समूह को रोका था, जिसके बाद भारी गोलीबारी हुई और तलाशी अभियान चलाया गया।
सीमा पार नेटवर्क पर कार्रवाई
हाल ही में, राज्य जांच एजेंसी (SIA) ने भी पुंछ के मंडी और सुरनकोट इलाकों (और उधमपुर) में कई छापे मारे थे। इन छापों का लक्ष्य कट्टरपंथ फैलाने वाले और सीमा पार बैठे हैंडलर्स से संपर्क रखने वाले नेटवर्क को ध्वस्त करना था। SIA को ऐसे सबूत मिले हैं जिनसे पता चलता है कि कई स्थानीय लोग सीधे तौर पर एलओसी के उस पार बैठे हैंडलर्स के संपर्क में थे और इन माध्यमों का इस्तेमाल अलगाववादी सोच फैलाने के लिए किया जा रहा था।
इनपुट: IANS



