कर्नाटक: मंत्री बसवराज के 'इस्लाम सर्वश्रेष्ठ' बयान पर विवाद, प्रियांक खड़गे ने किया बचाव, पूछा- इसमें गलत क्या है?
कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री बसवराज रायरेड्डी के एक बयान को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है, जिसमें उन्होंने इस्लाम की प्रशंसा की थी। अब राज्य सरकार में उनके सहयोगी और मंत्री प्रियांक खड़गे उनके बचाव…
कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री बसवराज रायरेड्डी के एक बयान को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है, जिसमें उन्होंने इस्लाम की प्रशंसा की थी। अब राज्य सरकार में उनके सहयोगी और मंत्री प्रियांक खड़गे उनके बचाव में उतर आए हैं। खड़गे ने इस पूरे प्रकरण को ज्यादा तवज्जो न देते हुए सवाल उठाया है कि हर धर्म से कुछ न कुछ सीखने को मिलता है, तो इस बयान में आखिर गलत क्या है?
समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, प्रियांक खड़गे ने सोमवार को बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा, "बसवराज रायरेड्डी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इस्लाम समेत हर धर्म में कुछ न कुछ सीखने को मिलता है। इस्लाम, बौद्ध धर्म, जैन धर्म या नास्तिकता के कुछ ऐसे पहलू हैं, जिन्हें कोई भी अपना सकता है और अपनाना चाहिए। इसमें क्या गलत है?”
भाजपा पर साधा निशाना
प्रियांक खड़गे ने इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भी निशाना साधा। उन्होंने RSS प्रमुख मोहन भागवत की हालिया टिप्पणियों का जिक्र करते हुए कहा, “जब आरएसएस प्रमुख कह रहे हैं कि आप इस्लाम या मुसलमानों को भारत से बाहर नहीं कर सकते, तो ये कौन से चापलूस हैं, जो कह रहे हैं कि नहीं, रायरेड्डी जो कह रहे हैं वह गलत है?”
उन्होंने आगे कहा, “भाजपा के नेता अपने ही भागवत जी पर हमला क्यों कर रहे हैं? आजकल वे मोहन भागवत की बात भी नहीं सुनते।” खड़गे ने यह भी दावा किया कि मोहन भागवत के बयान के बाद भाजपा नेता असमंजस की स्थिति में हैं।
क्या था बसवराज रायरेड्डी का मूल बयान?
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब बसवराज रायरेड्डी ने कुकानुर में पैगंबर मुहम्मद के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित एक सामूहिक विवाह समारोह में हिस्सा लिया। वहां उन्होंने कहा, “इस्लाम एक महान धर्म है,” और यह भी जोड़ा कि इसके बारे में कई गलत धारणाएं फैलाई जा रही हैं। उन्होंने सभी धर्मों का अध्ययन करने और उनके इतिहास को समझने की जरूरत पर जोर दिया।
रायरेड्डी ने कुरान का अध्ययन करने और हज यात्रा पर जाने की अपनी इच्छा भी व्यक्त की। उन्होंने कहा, “इस्लाम एक ऐसा धर्म है, जो मानवता को दृढ़ता से बढ़ावा देता है।” उनके इसी बयान के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया और भाजपा नेताओं ने कांग्रेस सरकार की आलोचना शुरू कर दी।
इनपुट: IANS



