ईरान-फ्रांस तनाव: तेहरान ने फ्रांसीसी राजनयिकों पर लगाए गंभीर आरोप, पेरिस को दी दखल न देने की चेतावनी
ईरान और फ्रांस के बीच राजनयिक तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के इंटेलिजेंस मंत्रालय ने फ्रांसीसी सरकार पर देश के आंतरिक मामलों में "गैर-कानूनी दखल" देने…
ईरान और फ्रांस के बीच राजनयिक तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के इंटेलिजेंस मंत्रालय ने फ्रांसीसी सरकार पर देश के आंतरिक मामलों में "गैर-कानूनी दखल" देने का आरोप लगाते हुए कड़ी चेतावनी जारी की है। यह चेतावनी तेहरान में दो फ्रांसीसी राजनयिकों से जुड़ी एक घटना के बाद आई है, जिसे लेकर दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है।
ईरान के मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर जारी एक बयान में कहा कि जुलाई में, दो फ्रांसीसी राजनयिकों ने एक ऐसे मामले के संदिग्धों के साथ एक गुप्त बैठक की थी, जो विदेशी घुसपैठ और दखलअंदाजी से जुड़ा था। मंत्रालय का दावा है कि जांच में यह बात सामने आई कि इन राजनयिकों का ईरान के घरेलू कानूनों और अपनी राजनयिक जिम्मेदारियों का उल्लंघन करने का एक लंबा रिकॉर्ड रहा है।
राजनयिकों की हिरासत और फ्रांस का पक्ष
इस मामले पर फ्रांस का पक्ष बिल्कुल अलग है। 20 जुलाई को फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने बताया था कि तेहरान में फ्रांसीसी दूतावास के दो अधिकारियों को हिरासत में लिया गया और उनके साथ बुरा व्यवहार किया गया। उनके अनुसार, दोनों को बिना किसी वजह के कई घंटों तक हिरासत में रखा गया, उनसे पूछताछ हुई और एक के साथ तो शारीरिक दुर्व्यवहार भी किया गया। बैरोट ने इसे "चौंकाने वाला हमला" बताते हुए कहा कि ये अधिकारी ईरानी कलाकारों और वैज्ञानिकों को सपोर्ट करने वाले कार्यक्रमों की देखरेख करते थे।
दोनों देशों की ओर से चेतावनी
फ्रांस ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। जीन-नोएल बैरोट ने एक बयान में इसे "गंभीर और अस्वीकार्य" घटना बताया था और ईरान के तत्कालीन विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची को चेतावनी दी थी कि इसके "नतीजे भुगतने होंगे"।
वहीं, ईरान के इंटेलिजेंस मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि वह देश में विदेशी राजनयिकों को "गैर-कानूनी दखलअंदाजी" वाली गतिविधियों में शामिल नहीं होने देगा और अगर ऐसा दोबारा हुआ तो उचित कार्रवाई की जाएगी। ईरान के विदेश मंत्री अरागची ने भी बैरोट के साथ फोन पर बातचीत में विरोध जताते हुए कहा था कि दोनों फ्रांसीसी राजनयिकों की हरकतें राजनयिक नियमों के खिलाफ और अस्वीकार्य थीं।
इनपुट: IANS



