मंगलवार, 28 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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रेलवे का बड़ा कदम: नांदेड़ डिवीजन में 163 करोड़ की लागत से बिजली प्रणाली होगी अपग्रेड, माल ढुलाई और वंदे भारत को मिलेगी रफ्तार

भारतीय रेलवे ने देश के व्यस्त रेल मार्गों पर अपनी क्षमता बढ़ाने और बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। रेल मंत्रालय ने दक्षिण मध्य रेलवे के नांदेड़ डिवीजन में ₹163…

रेलवे का बड़ा कदम: नांदेड़ डिवीजन में 163 करोड़ की लागत से बिजली प्रणाली होगी अपग्रेड, माल ढुलाई और वंदे भारत को मिलेगी रफ्तार
(फोटो: IANS)

भारतीय रेलवे ने देश के व्यस्त रेल मार्गों पर अपनी क्षमता बढ़ाने और बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। रेल मंत्रालय ने दक्षिण मध्य रेलवे के नांदेड़ डिवीजन में ₹163 करोड़ की लागत से इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन सिस्टम को अपग्रेड करने की परियोजना को मंजूरी दे दी है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस कदम से मालगाड़ियों की ढुलाई क्षमता बढ़ेगी और वंदे भारत जैसी तेज गति की ट्रेनों के संचालन में भी सुधार होगा।

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यह परियोजना परभणी-मुदखेड़ डबल लाइन सेक्शन के 164 ट्रैक किलोमीटर के दायरे में लागू की जाएगी। इसके तहत मौजूदा 1x25 केवी इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन सिस्टम को बदलकर अधिक उन्नत 2x25 केवी सिस्टम लगाया जाएगा। साथ ही, बढ़ते बिजली के भार को संभालने के लिए बिजली आपूर्ति से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर का भी आधुनिकीकरण किया जाएगा।

रणनीतिक महत्व और भविष्य के लक्ष्य

परभणी-मुदखेड़ रेलखंड को रणनीतिक रूप से काफी अहम माना जाता है, क्योंकि यह हाईली यूटिलाइज्ड नेटवर्क (HUN) रूट-9 का हिस्सा है। यह मार्ग अजमेर, इंदौर, खंडवा, अकोला, पूर्णा, मुदखेड़, सिकंदराबाद, महबूबनगर और धोन जैसे शहरों को जोड़ता है और यात्री व मालगाड़ी, दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। रेल मंत्रालय ने बताया कि यह अपग्रेडेशन भारतीय रेलवे के 2029-30 तक 3,000 मिलियन टन माल ढुलाई के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने में भी सहायक होगा।

विद्युतीकरण में भारत की उपलब्धि

यह परियोजना रेलवे के विद्युतीकरण अभियान का एक हिस्सा है, जिसमें भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की है। इसी महीने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में जानकारी दी थी कि भारत का 99.6 प्रतिशत ब्रॉड गेज रेल नेटवर्क विद्युतीकृत हो चुका है। इस मामले में भारत दुनिया में केवल स्विट्जरलैंड (100%) से पीछे है, जिसका रेल नेटवर्क काफी छोटा है। रेलवे विद्युतीकरण के मामले में भारत अब चीन (82%), स्पेन (67%), जापान (64%), फ्रांस (60%) और यूनाइटेड किंगडम (39%) जैसे देशों से आगे निकल गया है। आंकड़ों के मुताबिक, 2014 से 2026 के बीच मिशन मोड में 48,072 रूट किलोमीटर रेल मार्ग का विद्युतीकरण किया गया, जबकि इससे पहले के लगभग 60 वर्षों में यह आंकड़ा सिर्फ 21,801 रूट किलोमीटर था।

इनपुट: IANS

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