SLINEX-26: हिंद महासागर में सुरक्षा मजबूत करने के लिए भारत और श्रीलंका का संयुक्त नौसैनिक अभ्यास
हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में समुद्री सुरक्षा और आपसी सहयोग को और मजबूती देने के उद्देश्य से भारत और श्रीलंका की नौसेनाएं विशाखापत्तनम में द्विपक्षीय अभ्यास 'स्लिनेक्स-26' कर रही हैं। समाचार एजेंसी…
हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में समुद्री सुरक्षा और आपसी सहयोग को और मजबूती देने के उद्देश्य से भारत और श्रीलंका की नौसेनाएं विशाखापत्तनम में द्विपक्षीय अभ्यास 'स्लिनेक्स-26' कर रही हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, 17 से 21 सितंबर तक चलने वाले इस अभ्यास का यह 13वां संस्करण है, जो दोनों देशों की स्थायी समुद्री साझेदारी को दर्शाता है।
इस अभ्यास में हिस्सा लेने के लिए श्रीलंका नौसेना का जहाज एसएलएनएस सिंदुराला विशाखापत्तनम पहुंचा है। भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस बात की पुष्टि करते हुए कहा, "स्लिनेक्स-26 भारत-श्रीलंका की स्थायी समुद्री साझेदारी और सुरक्षित हिंद महासागर क्षेत्र के प्रति साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।"
अभ्यास के दो चरण और शामिल पोत
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह अभ्यास दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है — हार्बर फेज और सी फेज। भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व स्वदेशी पनडुब्बी रोधी युद्धपोत आईएनएस कवरत्ती और बेड़ा टैंकर आईएनएस ज्योति कर रहे हैं। वहीं, श्रीलंका की ओर से एसएलएनएस सिंदुराला शामिल है।
हार्बर फेज की शुरुआत पूर्वी नौसेना कमान के तहत हुई, जिसमें एसएलएनएस सिंदुराला के दल का आईएनएस कवरत्ती पर स्वागत किया गया। इस चरण में पेशेवर बातचीत, एक-दूसरे के जहाजों का दौरा, सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान, योग और खेल जैसी गतिविधियां शामिल हैं। इसके बाद होने वाले सी फेज का मुख्य केंद्र समुद्र में समन्वित अभियानों के माध्यम से परिचालन क्षमता को बढ़ाना होगा।
समुद्री सहयोग की लंबी परंपरा
साल 2005 में शुरू हुआ स्लिनेक्स अभ्यास अब दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच समुद्री सहयोग, अंतर-संचालन और आपसी समझ को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण मंच बन गया है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह अभ्यास भारत के 'महासागर विजन' के अनुरूप है और एक सुरक्षित, स्थिर समुद्री वातावरण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।
इससे पहले इसी महीने, भारतीय नौसेना का जहाज आईएनएस उदयगिरि भी दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग बढ़ाने के लिए तीन दिवसीय यात्रा पर श्रीलंका के कोलंबो पहुंचा था। यह यात्रा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की श्रीलंका यात्रा के साथ ही हुई थी।
इनपुट: IANS



