भूटान के विकास में भारत का साथ: 13वीं पंचवर्षीय योजना के लिए 290 करोड़ रुपए की मदद जारी
भारत और भूटान के बीच ऐतिहासिक सहयोग की एक और कड़ी में, भारत ने भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना के तहत चल रही विकास परियोजनाओं के लिए 290 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता जारी की है। समाचार एजेंसी IANS के…
भारत और भूटान के बीच ऐतिहासिक सहयोग की एक और कड़ी में, भारत ने भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना के तहत चल रही विकास परियोजनाओं के लिए 290 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता जारी की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह राशि मंगलवार को थिम्पू स्थित भारतीय दूतावास द्वारा भूटान के वित्त मंत्रालय को एक चेक के रूप में सौंपी गई।
यह कदम दोनों देशों के बीच हुई 19वीं मासिक समन्वय बैठक के दौरान उठाया गया, जिसमें भारत की मदद से भूटान में चल रही विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में भारतीय मिशन और भूटान की शाही सरकार (आरजीओबी) के अधिकारियों ने हिस्सा लिया और भारत ने अपने पड़ोसी देश के विकास में सहयोग जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।
शिक्षा और कौशल विकास पर ज़ोर
इस वित्तीय सहायता का एक बड़ा हिस्सा भूटान के शिक्षा और मानव संसाधन विकास क्षेत्र को मजबूत करने में लगेगा। इसके तहत रॉयल यूनिवर्सिटी ऑफ भूटान (आरयूबी) के कॉलेजों में आधुनिक बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा। साथ ही, शिक्षकों और छात्रों के लिए प्रशिक्षण व विनिमय कार्यक्रमों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा, एक महत्वपूर्ण डिजिटल स्किलिंग प्रोग्राम के लिए 8.83 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं, जिसका लक्ष्य देशभर के सभी स्थानीय प्रशासनिक क्षेत्रों (गेवोग) में लगभग 10 लाख लोगों को लाभ पहुंचाना है।
बुनियादी ढांचा और अन्य परियोजनाएं
शिक्षा के अतिरिक्त, यह राशि कई अन्य महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को भी गति देगी। इनमें थिम्फू स्थित रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट का विकास, थिम्फू जिला न्यायालय का निर्माण और गेलेफू जनरल अस्पताल का नवीनीकरण शामिल है। फुएंटशोलिंग स्पोर्ट्स एसोसिएशन मैदान का पुनर्विकास और फसलों की सुरक्षा के लिए चेन-लिंक फेंसिंग के दूसरे चरण का काम भी इसी सहायता से पूरा होगा।
जारी परियोजनाओं की समीक्षा
बैठक में पहले से चल रही कई बड़ी परियोजनाओं की प्रगति का भी जायजा लिया गया। इनमें प्रमुख राजमार्ग पुलों का पुनर्निर्माण, 11 नए पुलों का निर्माण, 37 स्कूलों का उन्नयन और सौर व पवन ऊर्जा परियोजनाएं शामिल थीं। इसके अलावा, सरकारी उपयोग के लिए 100 इलेक्ट्रिक कारों और सार्वजनिक परिवहन के लिए 45 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद की भी समीक्षा की गई। थिम्फू में एक मल्टी-डिसिप्लिनरी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल (एमडीएसएसएच) परियोजना की प्रगति पर भी चर्चा हुई, जिसमें 200 बिस्तरों वाला एक कैंसर अस्पताल भी शामिल है।
इनपुट: IANS



