नेपाल बाढ़: भारत ने 11 टन राहत सामग्री के साथ खोजी-बचाव और फोरेंसिक विशेषज्ञ भी भेजे
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से जूझ रहे लोगों की मदद के लिए भारत ने अपनी सहायता का सिलसिला जारी रखा है। इसी कड़ी में 11 टन राहत सामग्री लेकर चौथी उड़ान काठमांडू पहुंच गई है। समाचार एजेंसी IANS की…
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से जूझ रहे लोगों की मदद के लिए भारत ने अपनी सहायता का सिलसिला जारी रखा है। इसी कड़ी में 11 टन राहत सामग्री लेकर चौथी उड़ान काठमांडू पहुंच गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस खेप में न केवल ज़रूरी सामान, बल्कि खोज और बचाव कार्यों के लिए विशेष तकनीकी टीमें भी शामिल हैं।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि इस चौथी उड़ान में कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और स्वच्छता किट जैसी वस्तुएं भेजी गई हैं। हालांकि, इस बार की खेप की ख़ासियत इसमें शामिल विशेषज्ञ दल हैं। सुरंगों में खोज और बचाव अभियान के लिए उपकरणों से लैस एक तकनीकी टीम और डीएनए जांच के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों का एक दल भी नेपाल भेजा गया है।
विशेषज्ञों से लेकर पुल निर्माण तक मदद
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी देते हुए बताया कि यह उड़ान नेपाल के राहत और बचाव कार्यों में सहयोग देने के लिए ज़रूरी सामग्री और तकनीकी सहायता लेकर पहुंची है। उन्होंने बताया कि भारत की ओर से अब तक हवाई मार्ग से कुल 68.5 टन राहत सामग्री काठमांडू पहुंचाई जा चुकी है, जिसमें दवाएं, पोर्टेबल जनरेटर, खाद्य पैकेट और पानी साफ करने वाली गोलियां शामिल हैं।
हवाई मदद के अलावा, सड़क मार्ग से भी सहायता पहुंचाई जा रही है। जयशंकर के मुताबिक, 230 फुट लंबे एक मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के निर्माण के लिए ज़रूरी उपकरण लेकर 16 ट्रक नेपाल पहुंच चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सात और बेली पुलों की स्थापना के लिए भी उपकरण जल्द भेजे जाएंगे और इन्हें लगाने वाली तकनीकी टीमें भी शीघ्र ही नेपाल पहुंचेंगी।
आपदा का प्रभाव
नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार, 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ के कारण अब तक 734 लोगों की जान जा चुकी है। इसके अलावा, 2,498 लोग अब भी लापता हैं, जिनमें 589 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। विदेश मंत्री जयशंकर ने दोहराया है कि नेपाल के राहत और बचाव प्रयासों को भारत का समर्थन लगातार जारी रहेगा।
इनपुट: IANS



