बुधवार, 1 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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‘लखपति दीदी’ योजना को गति देगा नया डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘एसएचई-लीप्स’, 6 करोड़ महिलाओं को सशक्त बनाने का लक्ष्य

केंद्र सरकार ने ग्रामीण भारत में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने और 6 करोड़ 'लखपति दीदी' बनाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके लिए 'एसएचई-लीप्स' (SHE-L

‘लखपति दीदी’ योजना को गति देगा नया डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘एसएचई-लीप्स’, 6 करोड़ महिलाओं को सशक्त बनाने का लक्ष्य
(फोटो: IANS)

केंद्र सरकार ने ग्रामीण भारत में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने और 6 करोड़ 'लखपति दीदी' बनाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके लिए 'एसएचई-लीप्स' (SHE-LEAPS) नाम का एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया गया है, जो स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद करेगा।

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समाचार एजेंसी IANS द्वारा बुधवार को जारी एक आधिकारिक फैक्टशीट के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म का पूरा नाम 'सेल्फ-हेल्प एंटरप्रेन्योर-लाइवलीहुड्स एंड एंटरप्राइज एप्लीकेशन फॉर प्रॉस्पेरिटी एंड सस्टेनेबिलिटी' है। इसका अनावरण 29 जून को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य 'विकसित ग्राम-विकसित भारत' के दृष्टिकोण को साकार करने की रणनीति बनाना था।

क्या है एसएचई-लीप्स प्लेटफॉर्म?

यह एक डिजिटल मंच है जिसे विशेष रूप से ग्रामीण स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए तैयार किया गया है। इसके माध्यम से महिलाएं अपना उद्यम शुरू कर सकती हैं, उसे आगे बढ़ा सकती हैं और उसकी प्रगति की डिजिटल निगरानी भी कर सकेंगी। सरकार के मुताबिक, यह प्लेटफॉर्म आजीविका, उद्यम विकास और वित्तीय समावेशन को मजबूत करने का काम करेगा। यह कृषि और गैर-कृषि दोनों ही क्षेत्रों के ग्रामीण उद्यमों को बढ़ावा देकर गांवों में एक टिकाऊ अर्थव्यवस्था बनाने में सहायक होगा।

‘लखपति दीदी’ मिशन को मिलेगी नई रफ्तार

फैक्टशीट में बताया गया है कि 'एसएचई-लीप्स' ऐप 'लखपति दीदी' मिशन को गति प्रदान करेगा। इसके जरिए महिलाओं की आय में वृद्धि और उनके उद्यमों के प्रदर्शन की शुरू से अंत तक डिजिटल ट्रैकिंग संभव होगी। सरकार की योजना अगले पांच वर्षों में 'लखपति दीदी' योजना के तहत महिलाओं को लाभ पहुंचाने के लिए 10 लाख करोड़ रुपए उपलब्ध कराने की है। माना जा रहा है कि यह मोबाइल ऐप महिलाओं के उद्यमों के बड़े पैमाने पर विस्तार में एक अहम भूमिका निभाएगा।

व्यापक कार्यान्वयन और डेटा-आधारित नीतियां

सरकार की योजना इस प्लेटफॉर्म को देश के 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू करने की है, जिसमें संबंधित राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन सहयोग करेंगे। इस पहल से ग्रामीण उद्यमों से जुड़ा रियल-टाइम डेटा उपलब्ध होगा, जिससे स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक बेहतर नीतियां बनाने में मदद मिलेगी और निगरानी व्यवस्था भी मजबूत होगी। सरकार का मानना है कि यह डिजिटल पहल ग्रामीण भारत में एक बड़े बदलाव का आधार बनेगी।

इनपुट: IANS

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