हरियाणा में पूर्व-अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरी का रास्ता आसान, इन पदों पर मिलेगा 20% तक आरक्षण
हरियाणा सरकार ने सेना की अग्निवीर योजना से निकले युवाओं को सरकारी नौकरियों में बड़ा अवसर दिया है। एक अहम फैसले में, पूर्व-अग्निवीरों के लिए ग्रुप-बी और ग्रुप-सी के कई पदों पर हॉरिजॉन्टल यानी क्षैतिज…
हरियाणा सरकार ने सेना की अग्निवीर योजना से निकले युवाओं को सरकारी नौकरियों में बड़ा अवसर दिया है। एक अहम फैसले में, पूर्व-अग्निवीरों के लिए ग्रुप-बी और ग्रुप-सी के कई पदों पर हॉरिजॉन्टल यानी क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था लागू कर दी गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस संबंध में मंगलवार को मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने निर्देश जारी कर दिए।
इस नई नीति के तहत, पुलिस, वन और जेल जैसे विभागों के कुछ चुनिंदा पदों पर पूर्व-अग्निवीरों को सीधी भर्ती में 20 प्रतिशत का हॉरिजॉन्टल आरक्षण मिलेगा। वहीं, अन्य ग्रुप-सी पदों के लिए यह आरक्षण 5 प्रतिशत होगा, जबकि कौशल विशेषज्ञता वाले ग्रुप-बी पदों पर 1 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है।
किन पदों पर कितना आरक्षण?
20 प्रतिशत आरक्षण: यह सबसे बड़ी श्रेणी है और इसमें गृह विभाग के तहत पुलिस कॉन्स्टेबल, इंडियन रिजर्व बटालियन (IRB) में कॉन्स्टेबल और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) में कॉन्स्टेबल के पद शामिल हैं। इनके अलावा फॉरेस्ट गार्ड, जेल विभाग में वार्डन, माइनिंग गार्ड, वाइल्डलाइफ गार्ड और फायर ऑपरेटर-कम-ड्राइवर के पद भी इसी दायरे में आएंगे।
5 प्रतिशत आरक्षण: ऊपर बताए गए पदों को छोड़कर राज्य सरकार के अन्य सभी ग्रुप-सी पदों पर पूर्व-अग्निवीरों के लिए 5 प्रतिशत का हॉरिजॉन्टल आरक्षण लागू होगा।
1 प्रतिशत आरक्षण: यह आरक्षण उन ग्रुप-बी पदों के लिए है, जहाँ भर्ती के लिए विशेष कौशल की आवश्यकता होती है।
भर्ती प्रक्रिया में भी मिलेगी राहत
आरक्षण के अलावा, पूर्व-अग्निवीरों को भर्ती प्रक्रिया में कुछ महत्वपूर्ण छूटें भी दी गई हैं। पुलिस कॉन्स्टेबल, फॉरेस्ट गार्ड, जेल वार्डन, माइनिंग गार्ड, वाइल्डलाइफ गार्ड और फायर ऑपरेटर-कम-ड्राइवर जैसे पदों के लिए आवेदन करने पर उन्हें फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट (PST) नहीं देना होगा। इसके साथ ही, ग्रुप-सी पदों के लिए कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) से छूट का पुराना प्रावधान भी जारी रहेगा। हालांकि, भर्ती एजेंसी द्वारा आयोजित की जाने वाली लिखित परीक्षा में उन्हें शामिल होना अनिवार्य होगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि आरक्षित पद के लिए कोई उपयुक्त पूर्व-अग्निवीर उम्मीदवार नहीं मिलता है, तो उस पद को संबंधित वर्टिकल आरक्षण श्रेणी के उम्मीदवार से भरा जाएगा।
इनपुट: IANS



