पंजाब पेपर लीक मामला: हरसिमरत कौर बादल ने गृह मंत्री अमित शाह से की जांच की मांग
पंजाब में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक होने के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने इस मुद्दे को उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री…
पंजाब में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक होने के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने इस मुद्दे को उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से दखल की मांग की है। उन्होंने पंजाब में हुए 11 परीक्षा पेपर लीक मामलों की केंद्रीय जांच का आदेश देने का आग्रह किया है, ताकि इस करोड़ों रुपए के घोटाले का पर्दाफाश हो सके।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, हरसिमरत बादल ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा कि पेपर लीक की इन घटनाओं से राज्य के करीब पांच लाख छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार इस मामले की जांच करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रही है, क्योंकि उन्हें डर है कि जांच की आंच उनके अपने मंत्रियों तक पहुंच सकती है।
सरकार पर मामले को दबाने का आरोप
अकाली सांसद ने दावा किया कि पंजाब सरकार सख्त कार्रवाई करने के बजाय पूरे मामले को दबाने की कोशिश कर रही है और यह दावा कर रही है कि राज्य में कोई पेपर लीक नहीं हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान के एक पुराने बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने 13 मार्च, 2023 को खुद पंजाब राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा (PSTET) का पेपर लीक होने की बात स्वीकार की थी।
हरसिमरत ने कहा कि फार्मेसी ऑफिसर परीक्षा में भी गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं, जहां एक संगठित गिरोह ने ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए जवाब बताने के लिए हर उम्मीदवार से 13 लाख रुपए लिए। इसके बावजूद सरकार इसे पेपर लीक मानने से इनकार कर रही है।
संस्थाओं पर सवाल और न्यायपालिका का हस्तक्षेप
उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग और नोडल एजेंसी 'पंजाब अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड' के कामकाज में गंभीर खामियां पाए जाने के बाद भी किसी बड़े अधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हरसिमरत बादल के मुताबिक, न तो शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस और न ही स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह को हटाया गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि यह मामला पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है, जिसने आबकारी निरीक्षकों की भर्ती समेत कुछ प्रक्रियाओं पर रोक भी लगाई है। अकाली नेता ने कहा कि इन घटनाओं से लोगों का भर्ती परीक्षाएं आयोजित करने की सरकारी क्षमता पर से विश्वास उठ गया है।
इनपुट: IANS



